अल्मोड़ा/बागेश्वर। शुक्रवार को नगर की बाजार शाम सात बजे तक खुली रही। शुक्रवार को शासन का आदेश भी जिला मुख्यालय पहुंच गया, जिसमें अब बाजार सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खोलने की बात कही गई है। यह भी बताया गया है कि एक जून से सरकारी कार्यालय भी सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुलेंगे। हालांकि दो गज दूरी बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की उपस्थिति आदि को लेकर कुछ मानक तय किए गए हैं। लॉकडाउन-4 के तहत नगर में चार बजे तक दुकानें खुल रही थी। शुक्रवार को जारी गाइडलाइन के बाद अल्मोड़ा में भी बाजार शाम सात बजे तक खुले रहे। सुबह बाजारों में अधिक भीड़ रही लेकिन शाम को स्थिति साफ न होने पर लोग असमंजस में रहे। अधिकतर दुकानें सात बजे तक खुली रहीं लेकिन चार बजे के बाद बाजार से लोग चले गए। वहीं कोई लिखित निर्देश न मिलने के कारण शुक्रवार को भी बागेश्वर में शाम चार बजे तक ही दुकानें खुलीं। अब शनिवार से सभी दुकानें सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खुलेंगी। जिला प्रशासन को यह शासनादेश शुक्रवार को मिला है। डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि शनिवार से सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक दुकानें खुलेंगी। एक जून से सरकारी कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुलेंगे। डीएम ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं।
सुबह सात से दोपहर दो बजे तक ही खोलें दुकानें
अल्मोड़ा। यहां शुक्रवार को जिला व्यापार मंडल की बैठक हुई। इसमें प्रदेश सरकार की नई गाइडलाइन पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय हुआ कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को देखते हुए सभी व्यापार मंडल इकाइयों से व्यापारिक प्रतिष्ठान सुबह सात बजे से दिन में दो बजे तक ही खोलने का आग्रह किया जाएगा।
बैठक में सरकार के सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक दुकानें खोलने की गाइडलाइन पर पदाधिकारियों ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रवासियों का आवागमन और बाजार में उनकी बेवजह भीड़ बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को देखते हुए निर्णय लिया गया कि सभी इकाइयों से दुकानें सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक ही खोलने का अनुरोध किया जाएगा। बताया गया कि ग्रामीण इकाईयां पूर्व में मांग भी कर चुकी हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि लॉकडाउन से त्रस्त व्यापारियों का बिजली, पानी बिल सहित पालिका, जिला पंचायत का शुल्क माफ किया जाए। सभी होटल, रेस्टोरेंट आदि खोलने की अनुमति दी जाए। जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा ने कहा कि सरकारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के लिए डीएम को ज्ञापन भी दिया जाएगा। बैठक में महासचिव कमल गुप्ता, कार्यकारी जिलाध्यक्ष संजय अग्रवाल (लाला), संयुक्त सचिव विनीत बिष्ट, प्रांतीय उपाध्यक्ष किशन गुरुरानी, संदीप गुप्ता, राकेश तिवारी, दीपक साह, प्रकाश चंद्र जोशी, देवेंद्र बिष्ट, शरद अग्रवाल, कमल बिष्ट, मनोज जोशी, सुमित सोनकर आदि ने भाग लिया।
लॉकडाउन में शाम चार बजे तक ही खुलेगा रानीखेत बाजार
रानीखेत (अल्मोड़ा)। लॉकडाउन 4.0 के दौरान रानीखेत बाजार शाम चार बजे तक ही खुलेगा। रानीखेत बाजार में दुकानों की साप्ताहिक बंदी भी अब सोमवार को ही होगी। लॉकडाउन के कारण बीच में इसे रविवार को निर्धारित कर दिया गया था। नगर और जिला व्यापार मंडल ने आपसी सहमति बनाते हुए यह निर्णय लिया है।
प्रदेश सरकार के नए नियमों के तहत दुकानें खुलने का समय सुबह सात से शाम सात बजे तक निर्धारित है लेकिन स्थानीय व्यापारियों ने सुबह जिला और नगर व्यापार मंडल ने आपसी सहमति बनाई और दुकानों को शाम चार बजे तक ही खोलने का फैसला किया। पदाधिकारियों ने कहा कि कोरोना संक्रमण लॉकडाउन के चलते व्यापार पहले से ही चौपट है। उन्होंने एसडीएम अभय प्रताप सिंह से मुलाकात की। बताया कि कोरोना के मामलों की संख्या रानीखेत क्षेत्र में अधिक है। संक्रमण और बढ़ने की आशंका भी है। वाहन न चलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से कम लोग बाजार पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में शाम सात बजे तक दुकानें खोलने का कोई औचित्य नहीं है। एसडीएम ने कहा कि दुकानें व्यापारियों को खोलनी हैं लेकिन कानून के पालन समेत अन्य व्यवस्थाएं बनाने का काम प्रशासन का है। दोनों में तालमेल रहना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मोहन नेगी, नगर अध्यक्ष भगवंत नेगी, उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, उपसचिव मनोज पंत, वरिष्ठ व्यवसायी अगस्त शाह, डॉ. गिरीश मैनाली, सोनू कुरैशी आदि रहे।
शासन पालिका को करे प्रतिपूर्ति, तभी होगा किराया माफ
अल्मोड़ा। नगर व्यापार मंडल ने लॉकडाउन के चलते मार्च से जून तक का पालिका की दुकानों का किराया माफ करने की मांग की है। इसके मद्देनजर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने भी मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि यदि शासन स्तर से इन चार माह के किराए की प्रतिपूर्ति पालिका को कर दी जाए तो पालिका व्यापारियों का चार माह का किराया माफ कर सकती है। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि व्यापार मंडल की मांग पर 18 मई को हुई पालिका बोर्ड की बैठक में सभासदों ने भी व्यापारियों के समर्थन में संस्तुति की है, लेकिन पालिका की आर्थिक स्थित पहले से काफी नाजुक है। पालिका को कर्मचारियों को वेतन और पेंशन के भुगतान में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अप्रैल का वेतन और पेंशन का भुगतान कर्मचारियों को पालिका नहीं कर पाई है। शासन जहां अनेक क्षेत्रों में राहत प्रदान कर रहा है, वहीं व्यापारियों की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए शासन अपेक्षित राहत प्रदान करे।