अल्मोड़ा। उत्तराखंड सरकार को टैक्स के रूप में सबसे ज्यादा राजस्व पर्यटन व्यवसाय से ही मिलता है। इनमें भी होटल और रेस्टारेंट सबसे ज्यादा करदाता की श्रेणी में आते हैं, लेकिन इस साल कर्मचारियों की हड़ताल और उसके बाद कोरोना संक्रमण ने होटल व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। लॉकडाउन के चलते पहाड़ के चार जिलों में करीब 100 से 150 करोड़ की चपत लगी है। हालांकि होटल कारोबारियों को उम्मीद है कि लॉकडाउन खुलने के बाद मई, जून में फिर से पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद है।
अल्मोड़ा जिले की बात करें तो यहां 165 के करीब रिजॉर्ट, होटल हैं। होम स्टे की संख्या भी 170 के करीब है। पर्यटक सबसे ज्यादा कसारदेवी, मरचूला, रानीखेत में पहुंचते हैं, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के डर से होटल, रिजॉर्ट और होम स्टे में रुके देशी और विदेशी पर्यटक अपने अपने गंतव्य को रवाना हो गए थे वहीं खतरे को देखते हुए होटल कारोबारियों को भी नई बुकिंग कैंसिल करनी पड़ी। मार्च में ही करीब 15 हजार पर्यटक अल्मोड़ा पहुंच चुके थे। अल्मोड़ा होटल एसोसिएशन के महासचिव हरीश जोशी ने बताया कि प्रदेश एसोसिएशन ने नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से उचित कदम उठाने की मांग की है।