लमगड़ा (अल्मोड़ा)। आजादी के कई सालों बाद भी लमगड़ा विकासखंड मुख्यालय में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ब्लॉक मुख्यालय में लोगों की सुविधा के लिए अच्छे शौचालय तक नहीं हैं।
सड़क के किनारे नालियां भी क्षतिग्रस्त हैं जिससे बारिश होने पर पानी भी सड़कों में बहता है। एकमात्र शौचालय की हालत खस्ता है और उसमें गंदगी का अंबार लगा है। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के गृह क्षेत्र का ब्लॉक मुख्यालय सुविधाओं को तरस रहा है।
लमगड़ा विकासखंड मुख्यालय 1981 में अस्तित्व में आया। उसके बाद से यहां बसासत बढ़ने लगी। लमगड़ा ब्लॉक मुख्यालय दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार भी है। ब्लॉक में आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन आजादी के कई सालों बाद भी ब्लॉक मुख्यालय में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
विकासखंड मुख्यालय में सार्वजनिक पार्क तक नहीं हैं। इससे बच्चों को खेलने की जगह नहीं मिल पाती। लमगड़ा से शहरफाटक, हल्द्वानी, बमनस्वाल, धौलादेवी, दुबरौली, चेलनीछीना, चायखान, बचकांडे, धारखोला, जैंती समेत कई स्थानों को प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं।
कस्बे में यात्रियों और पर्यटकों की काफी भीड़ रहती है, लेकिन यहां आज तक यात्री प्रतीक्षालय तक नहीं बन सका है। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतें होती हैं। यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।
लंबे समय से कई स्थानों पर कल्वर्ट और नालियां बंद पड़ी हैं। गंदा पानी सड़कों में बह रहा है। लंबे समय तक नालियों में गंदा पानी एकत्रित रहने सेे दुर्गंध आ रही है। जिससे आसपास से व्यापारियों, स्कूली बच्चों, राहगीरों और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सामाजिक कार्यकर्ता हरीश सिंह और देवेंद्र सहित अन्य स्थानीय लोगों ने कहा कि उत्तराखंड बनने के बाद कई सरकारें आईं, लेकिन किसी ने भी कस्बे की समस्याओं का समाधान नहीं किया। उन्होंने समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आम जनता को साथ लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
लमगड़ा (अल्मोड़ा)। लमगड़ा के प्रधान गंगा राम ने कहा कि ब्लॉक की तमाम समस्याओं को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधयों और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिए गए, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इधर विधानसभा गोविंद सिंह कुंजवाल का कहना है कि लमगड़ा ब्लाक मुख्यालय की समस्याओं का भी जल्द निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।