दो बार विज्ञापन के क्षेत्र में सर्वोच्च गोल्डन लायन अवार्ड से सम्मानित और यम चाइना होल्डिंग्स के सीईओ के तौर पर लंबे समय चीन में काम कर चुके मुक्तेश पंत ने कहा कि चीन ने 1987 के बाद हर क्षेत्र में उदारीकरण को अपनाकर तेजी से विकास किया है दूसरी तरफ भारत में आज भी उदारीकरण को खुलकर नहीं अपनाया जा सका है। विकास में तेजी लाने के लिए हर क्षेत्र में उदारीकरण को जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा बुनियादी ढांचे में बदलाव के जरिये आज एशिया में पश्चिमी देशों से भी अधिक तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने चीन और भारत के अंतर को समझाते हुए कहा कि भारत में जोश ज्यादा है जबकि चीन में होश ज्यादा है। चीन के लोग काम के प्रति काफी समर्पित रहते हैं और वहां सरकार का काफी आदर है।
यहां जाखनदेवी में स्थित उत्तराखंड सेवा निधि संस्थान में भारत और चीन में बुनियादी ढांचे का विकास विषय पर नवम बीडी पांडे स्मृति व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए मुक्तेश पंत ने यह बात कही। चीन पर गहरी समझ रखने वाले मुक्तेश पंत ने कहा कि वहां 70 प्रतिशत चीनी आबादी बौद्ध धर्म को मानती है। चीन के लोगों का भगवान बुद्ध और भारत के प्रति काफी सम्मान रहता है। उन्होंने कहा कि चीन में कम्यूनिस्ट शासन है और लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं है। इस कारण भी वहां सरकार और व्यवस्था काफी हावी रहती है। लोग खुद भी सरकार का काफी आदर करते हैं। इससे पहले उत्तराखंड सेवा निधि के निदेशक पद्मश्री डॉ. ललित पांडे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए मुख्य वक्ता मुक्तेश पंत का स्वागत किया। इस मौके पर जाने माने पत्रकार सुमन दूबे, जीबी पंत हिमालय पर्यावरण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. आरएस रावल, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, एसडीएम विवेक राय, अल्मोड़ा अर्बन बैंक के अध्यक्ष आनंद सिंह बगडवाल, पीसी तिवारी, भारत पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता मदन लाल साह, नवीन चंद्र पाठक, जयमित्र बिष्ट, हेम तिवारी, डा.जेसी दुर्गापाल, केवल सती, क्रांति जोशी, डा. दीवान नगरकोटी, भारत पांडे, यूसुफ तिवारी, कमल जोशी, लता पांडे आदि मौजूद थे।
चीन की ओर से तेजी से बन रही सड़कें भारत के लिए खतरा
अल्मोड़ा। पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुक्तेश पंत ने कहा कि चीन भारत की तरफ तेजी से सड़कों का निर्माण कर रहा है जो भारत के लिए खतरा हो सकता है। युद्ध की स्थिति में चीन तेजी से अपने सैनिक सीमा तक पहुंचा देगा। जबकि भारत की ओर से सड़कें बनाने का काम काफी धीमी गति से हो रहा है। वह बोले कि आज चीन को लेकर कई देश आशंकित हैं।
अमेरिका में भी घर पर कुमाऊंनी ही बोलते हैं
अल्मोड़ा। कानपुर से आईआईटी इंजीनियर और प्रख्यात साहित्यकार शिवानी के पुत्र मुक्तेश पंत पिछले कई सालों से अमेरिका में रहते हैं लेकिन घर पर उनकी पत्नी और वह खुद ज्यादातर कुमाऊंनी में ही बोलचाल करते हैं। उन्होंने अपने व्याख्यान के दौरान भी कई बार कुमाऊंनी में बात रखी।