अस्पताल में विशुली देवी का इलाज करते डॉक्टर।
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ग्राम पंचायत डिगरा में शनिवार तड़के एक घर के भीतर घुसे तेंदुए ने सास-बहू को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पत्नी और मां को बचाने की कोई सूरत न देख 57 वर्षीय गृहस्वामी ने तेंदुए को जोरदार धक्का मारा। अप्रत्याशित हमले से हड़बड़ाया तेंदुआ खिड़की से छलांग लगाकर भाग गया। घायल सास-बहू को सोमेश्वर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद अल्मोड़ा रेफर किया गया है।
डिगरा गांव में भीम राम की गोशाला में शनिवार सुबह 4:30 बजे तेंदुआ घुस गया। वहां बकरियां बंधी थीं। तेंदुए के भय से बकरी का एक बच्चा गोशाला से लगे घर के भीतर आ गया। तेंदुआ भी बकरी के बच्चे के पीछे-पीछे कमरे में घुस गया और भीम राम की 65 वर्षीय मां विशुली देवी पर झपट पड़ा। विशुली के चिल्लाने की आवाज सुनकर 45 साल की बहू धनुली देवी उसको बचाने आई तो तेंदुए ने धनुली को भी लहूलुहान कर दिया। चीख-पुकार सुनकर भीमराम भी वहां आ पहुंचा। उसे और कुछ नहीं सूझा तो धनुली को दबोचे तेंदुए को जोरदार धक्का मार दिया। अचानक हुए इस हमले से तेंदुआ घबरा गया और खिड़की से छलांग लगाकर जंगल की ओर चला गया।
परिजन दोनों घायलों को सोमेश्वर अस्पताल लाए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनको अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया। अल्मोड़ा बेस अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। डाक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। वन क्षेत्राधिकारी विशन राम ने बताया कि घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। अल्मोड़ा वन प्रभाग के एसडीओ पृथ्वीराज सिंह बिष्ट ने बताया कि दोनों घायल महिलाओं को 10-10 हजार की सहायता दी जा रही है। तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजड़ा भेजा जा रहा है। इसके अलावा वन कर्मियों की टीम गांव में गश्त करेगी।