एक ओर चीड़ की तस्करी मामले में चंपावत, अल्मोड़ा और बागेश्वर वन विभाग के बड़े अधिकारियों की जांच चल रही है वहीं दूसरी ओर दो रेंजों का अकेले कार्य संभाल रहीं महिला वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा ने साहस भरा कदम उठाते हुए शुक्रवार रात को छापेमारी कर काकड़ीघाट-मटेला मार्ग पर गड़स्यारी में एक वाहन में अवैध रूप से रखा 103 टिन कच्चा लीसा बरामद किया है। मामले में प्रयुक्त वाहन को सीज करने के साथ ही अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है। जिले में बड़ी मात्रा में महिला वन क्षेत्राधिकारी द्वारा लीसा पकड़ने का यह पहला मामला है।
शुक्रवार रात वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा को सूचना मिली कि काकड़ीघाट के पास मटेला मार्ग पर अवैध रूप से लीसा तस्करी हो रही है। दस लोगों की टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुईं वन क्षेत्राधिकारी को गड़स्यारी के पास पिकअप यूके01-सीए-0513 में अवैध रूप से रखा 103 टिन कच्चा लीसा बरामद हुआ, लेकिन रात के वक्त अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर भाग निकले। वन क्षेत्राधिकारी ने मौके पर पिकअप को सीज करने की कार्रवाई के साथ लीसा बरामद कर लिया। संचिता वर्मा ने बताया कि लीसा कहां से आया, कहां जा रहा था और किसका है, इस मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल वन विभाग द्वारा अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अभियान में वन दरोगा मदन मोहन पांडे, वन रक्षक हीरा बिष्ट, किशोर कुमार, इंद्रा मर्तोलिया, त्रिभुवन उपाध्याय समेत दस लोगों की टीम शामिल थी। इधर डीएफओ पंकज कुमार ने बताया कि 103 टिन कच्चा लीसा मिला है, फिलहाल एक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली है जिसकी जांच की जाएगी।