तेंदुए के हमले में घायल वृद्धा।
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ग्रामीण इलाकों में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। धौलादेवी ब्लॉक की बसौली गांव निवासी 70 वर्षीय वृद्धा मंगलवार सुबह गांव के समीप ही घास काटने गई थी। इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला बोल दिया। तेंदुए ने वृद्धा के सिर, चेहरे और कान के समीप पंजे मारकर उसे लहूलुहान कर दिया। वृद्धा के चिल्लाने पर साथ में गई दो बहुओं ने तेंदुए पर जमकर पत्थर बरसाए और शोर मचाया। इसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घायल वृद्धा का धौलादेवी अस्पताल में उपचार कराया गया।
बसौली गांव निवासी सरुली देवी अपने भाई की बहुओं उमा देवी और सविता देवी के साथ मंगलवार सुबह 6:30 बजे गांव के आबादी क्षेत्र से करीब 200 मीटर दूर घास काटने गई थी। सरुली देवी के घास काटने के दौरान तेंदुए ने उस पर हमला बोल दिया। तेंदुए ने सरुली देवी के सिर, चेहरे और कान के समीप पंजे मार दिए और उन्हें लहूलुहान कर दिया। सरुली देवी के चिल्लाने पर समीप ही घास काट रही बहुओं उमा देवी और सविता देवी ने हिम्मत से काम लिया और तेंदुए पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए और शोर मचाया। इसके बाद तेंदुए ने सरुली देवी को छोड़ा। पास की तेंदुए के दो शावक भी थे। इसके बाद तेंदुआ दो शावकों के साथ जंगल की ओर भाग गया।
दोनों बहुएं घायल वृद्धा सरुली देवी को घर लाईं। इसके बाद परिजनों ने धौलादेवी अस्पताल में सरुली देवी का उपचार कराया। सरुली देवी अंत्योदय परिवार से है और वह मायके में ही रहती है। तेंदुए के हमले के बाद बसौली गांव में लोगों में दहशत व्याप्त है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष गोधन सिंह भैसोड़ा ने बताया कि घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ पूर्व में भी ग्रामीणों के करीब आधा दर्जन से अधिक मवेशियों को शिकार बना चुका है, लेकिन इसके बाद भी वन विभाग ने प्रभावित पशुपालकों को अब तक मुआवजा नहीं दिया है। उन्होंने वन विभाग से घायल सरुली देवी और पशुपालकों को शीघ्र मुआवजा देने और तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई है।