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दो ग्रामीणों पर हमला कर भाग रहा तेंदुआ गली में फंसा

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जिला अस्पताल अल्मोड़ा में उपचार को पहुंचे पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह से पूछताछ करते डीएफओ सिविल - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जिले के कठपुड़िया पोपली गांव में रविवार सुबह करीब आठ बजे तेंदुए ने दो ग्रामीणों पर हमला कर दिया। हमले में एक व्यक्ति बुरी तरह जख्मी हो गया। उसको नौ टांके लगे हैं। दोनों के चिल्लाने पर तेंदुआ वहां से भाग गया, लेकिन इस दौरान वह गोशाला के पीछे गली में फंस गया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर तेंदुए को पकड़ लिया। तेंदुए को रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा लाया जा रहा है।
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रविवार की सुबह करीब आठ बजे कठपुड़िया पोपली गांव निवासी महेंद्र सिंह अपनी गाय को खूंटी से खोलने घर से बाहर निकले। पास ही घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। उनके शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग गया। शोर सुनकर पास में ही रहने वाले पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह घर से बाहर निकले तो तेंदुए ने उन पर भी हमला कर लहूलुहान कर दिया। इसबीच गांव के और लोग भी आ गए। लोगों की भीड़ देखकर तेंदुआ वहां से भागा लेकिन गोशाला के पीछे गली में फंस गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची और उसने रेस्क्यू कर तेंदुए को पकड़ लिया। मादा तेंदुए की उम्र सात-आठ साल है।
वन कर्मी हरीश सिंह बिष्ट दोनों घायलों को जिला अस्पताल अल्मोड़ा लाए। डॉ. प्रिया ने बताया कि राजेंद्र को नौ टांके लगे हैं। दोनों की उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। डीएफओ सिविल सोयम खुशाल सिंह रावत, एसडीओ बीएस बिष्ट, रेंजर संचिता वर्मा जिला अस्पताल पहुंचे और दोनों घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए पांच-पांच हजार दिए जाएंगे। गांव में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है।
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जिले के कई गांवों मेंॉ तेंदुए का आतंक
अल्मोड़ा। जिले के कनोली, सैनोली, नौगांव, थामथोली, मझाऊं, चौकुना, बरम, नैगाड़, धनखोली, दाड़िमी, बिनौला समेत कई गांवों में तेंदुए का आतंक छाया हुआ है। तेंदुए के भय के कारण महिलाएं अकेले घास, लकड़ी लेने जंगल नहीं जा रही हैं। सुनसान रास्तों से आवाजाही करने पर लोगों को जान का खतरा बना रहता है। रास्तों में पथ प्रकाश भी नहीं है। इस कारण रात्रि में आवाजाही में जान का खतरा बना रहता है। तेंदुए के आतंक के कारण लोगों का शाम होते ही घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।
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