अल्मोड़ा/धौलछीना। डुंगरी गांव और पेटशाल क्षेत्र में मासूम और मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग महिला को निवाला बनाने वाला तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से बाहर है। क्षेत्र में तेंदुए को मारने के लिए तीन शूटर तैनात है। वहीं विभाग की छह टीमें भी लगातार गश्त कर रही है, सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं, लेकिन आदमखोर तेदुए को पकड़ा नहीं जा सका है। रात में ढाई बजे शिकारियों ने तेंदुए की चहलकदमी तो सुनी पर शातिर तेंदुआ हत्थे नहीं लग पाया।
डुंगरी और पेटशाल में लगातार दो दिनों में आदमखोर तेंदुए ने ढाई वर्षीय हर्षित और अगले दिन मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग महिला आनंदी देवी को अपना निवाला बना लिया। घटना से तेंदुए को आदमखोर घोषित कर दिया गया। इसके बाद अब वन विभाग की ओर से तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने की कोशिश की जा रही है। पकड़ में न आने की दशा में तेंदुए को मारने के लिए शूटर भी तैनात है। तेंदुए को मारने के लिए नैनीताल जिले से प्रसिद्ध और अनुभवी शिकारी हरीश धामी, बिजनौर के सैफी आसिफ और मुरादाबाद से राजीव सोलोमन तैनात हैं। विभाग की तीस सदस्यीय छह टीमें भी क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही हैं। इस दौरान शूटरों के लिए मचान बनाया गए हैं, लेकिन सीसीटीवी, गश्त के माध्यम से भी तेंदुआ विभाग के हाथ नहीं लग पाया है।
चकमा दे रहा तेंदुआ पर विभाग बरत रहा सतर्कता
अल्मोड़ा। तीन दिनों से लगातार गश्त के बाद भी तेंदुआ विभाग की पहुंच से बाहर है। हालांकि शुक्रवार को आधी रात में तेंदुए की एक झलक तो दिखी पर शातिर तेंदुआ बड़ी ही चालाकी से शूटरों को भी चकमा दे गया। इधर विभाग की टीम भी सतर्कता बरते हुए है। शूटर और विभागीय टीम आदमखोर के ही शिकार करने की कोशिश में सावधानी बरत रहे हैं। आदमखोर की जगह अन्य कोई और तेंदुए को शूट किया जाता है तो समस्या का समाधान नहीं हो सकेगा। इसलिए टीम लगातार सावधानी के साथ कदम बढ़ा रही है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए सावधानी बरतनी होगी, हालांकि रात करीब ढाई बजे शूटरों को तेंदुए की एक झलक तो दिखी पर कोई भी कदम उठाने से पहले वह भाग निकला। आदमखोर तेंदुए को ही पकड़ा जाए, इसके लिए सावधानी पूर्वक कदम उठाना होगा।
- संचिता वर्मा, वन क्षेत्राधिकारी।