जिले में विभिन्न स्थानों पर तेंदुओं का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों ने इंसानों को मार चुके तेंदुओं को नरभक्षी घोषित करने की मांग की है।
चौखुटिया तहसील के पान और बैरती गांव में लंबे समय से तेंदुए का आतंक बना हुआ है। कुछ सप्ताह पूर्व तेंदुए ने क्षेत्र में एक श्रमिक को शिकार बनाया था। तेंदुए के आतंक से लोगों में भय व्याप्त है। शाम होते ही लोग घरों में दुबक जाते हैं। क्षेत्र के लोगों ने अल्मोड़ा पालिका सभासद अशोक पांडे के नेतृत्व में डीएम से मुलाकात कर तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारने की मांग उठाई। डीएम से मिलने वालों में पूर्व प्रधान दीप चंद्र पांडे, गिरीश पांडे, हरीश पांडे, लखी राम, नंदन सिंह, हेम पांडे, महेश पांडे, डिगर सिंह शामिल हैं।
उधर जैंती तहसील के पिपना गांव में 16 जनवरी को तेंदुए ने तीन वर्षीय बच्चे को मार दिया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव में दो पिंजरे लगाए हैं मगर तेंदुआ इनमें नहीं फंसा है। सोमेश्वर तहसील क्षेत्र के चिनौना, पाटरा, बले, लोद में भी तेंदुए का आतंक है। चार दिन पहले तेंदुए ने चिनौना में एक लीसा श्रमिक को मार दिया था। रेंजर भूपाल सिंह बिष्ट ने सभी वन कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि रेंज के अंतर्गत हक- हकूक की लकड़ी का छपान पूरा हो चुका है। संबंधित क्षेत्रों के प्रधानों से उन्होंने पेड़ों का 15 फरवरी तक चिरान करा लेने को कहा है।