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असुविधाओं से तंग 165 परिवार छोड़ गए गांव

Thu, 22 Sep 2016 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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खजुरानी गांव। - फोटो : अमर उजाला
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  चौखुटिया(अल्मोड़ा)। ब्लॉक मुख्यालय से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत खजुरानी सड़क नहीं होने से अलग-थलग पड़ गया है। सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं नहीं होने से ग्रामीणों के लिए सिर्फ पलायन ही रास्ता है। कभी इस गांव में 300 परिवार रहते थे, लेकिन अब सिर्फ 135 परिवार ही शेष रह गए हैं। विस्तृत भू भाग में फैले इस गांव में समस्याओं के सिवाय कुछ नजर नहीं आ रहा है।  
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तहसील के सबसे दूरस्थ क्षेत्र खजुरानी पहुंचने के लिए पहले खीड़ा तक आठ किलोमीटर का सफर वाहन से तय करना पड़ता है। वहां से करीब 12 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करने के बाद खजुरानी गांव पहुंचा जाता है। हालांकि प्रस्तावित सड़क के लिहाज से यह दूरी 18 किलोमीटर है। ग्राम पंचायत खजुरानी में खजुरानी के अलावा चनौला, पाखाखरक, मल्ला गजार, तल्ला गजार सहित कुल पांच गांव शामिल हैं। पहले गांव में करीब 300 परिवार रहते थे लेकिन अब आधे से अधिक परिवार पलायन कर चुके हैं वर्तमान में महज 135 परिवार ही रहते हैं। 

गांव की प्रधान पार्वती देवी और बीडीसी सदस्य खष्टी अधिकारी बताते हैं सड़क नहीं होने से ग्रामीणों के आगे तमाम तरह की समस्याएं हैं।  मरीज को स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया तक लाना एक बड़ी चुनौती है। लोग शादी के समय खच्चर घोड़ों में सामान ले जाते हैं। काफी प्रयासों के बाद खीड़ा से खजुरानी तक पीएमजीएसवाई के तहत करीब 18 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत हुई है। जिसमें टेंडर भी हो चुके हैं। इससे लोगों में विकास की नई उम्मीद जगी है। सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह, हर्ष सिंह, भगवत सिंह, मदन सिंह आदि का कहना है कि सड़क बनने से पलायन पर अंकुश लगने के साथ ही गांव छोड़ कर गए ग्रामीण लौट सकते हैं।
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