अल्मोड़ा। हवालबाग विकासखंड के तहत करबला से मालगांव के लिए मंजूर चार किमी लंबी सड़क निर्माण को भारत सरकार ने वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
क्षेत्र के लोग गांव को सड़क से जोड़ने के लिए कई साल से आंदोलन कर रहे थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2017 में सौ दिन के भीतर करबला-मालगांव की सड़क बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद लोनिवि ने सर्वे शुरू किया, लेकिन ग्रामीणों के एकमत न होने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। बाद में ग्रामीणों में एकराय होने पर लोनिवि ने वन भूमि हस्तांतरण के लिए पत्रावली बनाकर भारत सरकार को भेजी थी। अब भारत सरकार ने चार किमी लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। भारत सरकार के पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के उपमहानिरीक्षक वन (के) टीसी नौटियाल ने अपर मुख्य सचिव (वन) देहरादून को पत्र भेजा है। इसमें अंकित बाकी शर्तों के पूरा होने पर ही विधिवत स्वीकृति मिलेगी। मालगांव के पूर्व बीडीसी सदस्य गणेश सिंह बिष्ट ने कहा कि विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान ने मार्ग की स्वीकृति के लिए काफी प्रयास किए। गणेश सिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु बनौला समेत ग्रामीणों ने इसके लिए विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान का आभार जताया और उनके घर जाकर मिठाई भी बांटी।