अल्मोड़ा डिपो के पास हैं 30 बसें, चालकों के 25 पद खाली
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा डिपो की आठ बसें चालकों की कमी से वर्कशॉप से बाहर नहीं आ पा रही हैं। बसों के न चलने से यात्रियों को दिक्कतों के साथ ही महंगा किराया देकर सफर करना पड़ रहा है।
अल्मोड़ा डिपो के पास 30 बसों का बेड़ा है। जिला मुख्यालय से चंडीगढ़, देहरादून, गुरुग्राम, लखनऊ समेत विभिन्न रूटों पर 14 सेवाओं का संचालन किया जाता है। डिपो में चालकों के 25 पद रिक्त हैं। इसकी लंबे समय बाद भी व्यवस्था नहीं हो सकी है। डिपो ने चालकों की व्यवस्था तो नहीं की लेकिन टनकपुर, बेतालघाट-दिल्ली, लमगड़ा-दिल्ली, देहरादून रूट पर बसों का संचालन बंद कर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। इन रूटों पर संचालित होने वाली आठ बसें लंबे समय से वर्कशॉप में खड़ी हैं।
तीन माह से नहीं चली दून की शाम वाली गाड़ी
अल्मोड़ा। देहरादून की सायंकालीन सेवा का संचालन तीन माह से बंद है। इस रूट पर शाम के समय बड़ी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं। हर रोज यात्री बस पकड़ने के लिए रोडवेज स्टेशन तो पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। संवाद
कोट- चालकों की कमी से बसों का संचालन रोकना पड़ा है। चालकों की व्यवस्था के प्रयास हो रहे हैं। उच्चाधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई है। चालक मिलते ही बसों का संचालन शुरू होगा। -विजय तिवारी, महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।