तहसील के सुदूरवर्ती कुंवाली-भिटारकोट मोटर मार्ग पर पुल नहीं बन सका है। सड़क मल्याल नदी से होकर गुजरती है, वाहन चालक जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं, जिसके चलते किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
एक दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाली यह सड़क पांच साल पहले स्वीकृत हुई थी, लेकिन आधी अधूरी सड़क का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। पुल निर्माण को लेकर पूर्व में पीएमजीएसवाई के चीफ इंजीनियर तक निरीक्षण कर चुके हैं।
कुंवाली-भिटारकोट मोटर मार्ग से पांखुला, बूंगा, लिलाड़ी, नैड़ी, डांग, लुहाली, कुलसीबी, बगथल, खोल्टा, भेटुली, कफुढौन, लालुर, खांकर आदि गांव जुड़े हुए हैं। मोटर मार्ग का निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हुआ है। पिपलेश्वर मंदिर के पास मल्यालनदी में आज तक पुल नहीं बन सका है।
बरसात के मौसम में वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं, जिसके चलते कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि मोटर मार्ग का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। बरसात में मल्याल नदी का जल स्तर काफी बढ़ जाता है, जिस कारण जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
कहा कि पुल निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों और विभागों के चक्कर काटे, लेकिन आज तक पुलिया नहीं बनी, पुलिया निर्माण का जिम्मा पीएमजीएसवाई के ऊपर है। यदि शीघ्र पुल नहीं बना तो ग्रामीण कठोर कदम उठाएंगे।
कुंवाली-भिटारकोट मोटर मार्ग पर मल्यालनदी के ऊपर 36 मीटर स्पॉन का पुल बनना है। पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आरएल शाह, एई, पीएमजीएसवाई, द्वाराहाट खंड।