मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव राजीव रौतेला ने कोसी पुनर्जनन अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन के लिए कोसी पुनर्जनन अभियान की तर्ज पर गरुड़ गंगा पुनर्जनन अभियान जनसहभागिता से चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोसी, बैजनाथ और बागेश्वर पर्यटन स्थल हैं। ऐसा अभियान चलाने से आम लोगों को भी लाभ मिलेगा। गरुड़गंगा के नौ रिचार्ज जोनों के लिए नौ नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। धार पानी धार से रिचार्ज जोन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कोसी कैचमेंट एरिया के अंतर्गत चलाए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि इस क्षेत्र में हेलीपैड बन सके तो इसके लिए तैयारी कर शुरू करें।
रौतेला ने धारे, नौलों के संरक्षण और संवर्धन पर ध्यान देेने के निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक गांव में इसके लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले के नोडल अधिकारियों की कार्यशाला अल्मोड़ा में आयोजित करने की तिथि जल्द घोषित की जाएगी। उसके बाद नोडल अधिकारी अपने क्षेत्रों में माइक्रोप्लान बनाएंगे। इस अवसर पर मडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को कोसी और गरुड़ गंगा को बचाने की शपथ दिलाई।
एनआरडीएमएस के निदेशक प्रो. जेएस रावत ने पावर प्वाइंट से कोसी पुनर्जनन अभियान और गरुड़ गंगा अभियान की तैयारी के बारे में बताया। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि चौखुटिया में तड़ागताल पुनर्जनन अभियान चलाने की योजना है। बागेश्वर की डीएम रंजना राजगुरु ने कहा कि गरुड़ गंगा पुनर्जनन अभियान को आम जनसहभागिता से चलाने की तैयारियां की जा रही हैं।
बैठक में सीडीओ मयूर दीक्षित, जीबी पंत संस्तान के किरीट कुमार, वन संरक्षक कुमाऊं मंडल आईपी सिंह, डीएफओ प्रवीण कुमार, सीडीओ बागेश्वर एसएस पांगती, एसडीएम अवधेश कुमार सिंह, पीडी नरेश कुमार, शिल्पी पंत, डीडीओ केके पंत, केएन तिवारी, डीपीआरओ बीएस दुग्ताल, पूनम पाठक, बीडीओ हवालबाग पंकज कांडपाल आदि ने भाग लिया।