कदम कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा जैसी देशभक्ति स्वरलहरियों के बीच कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के 176 जवान देश सेवा की शपथ लेकर विधिवत रूप से थल सेना का अंग बन गए। मुख्य अतिथि केंद्र के कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने कहा कि फौजी का जीवन तपस्या से कम नहीं होता है। उन्होंने कहा कि देश की आन बान और शान के लिए सर्वोच्च बलिदान करना पड़े तो भी पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने परेड की सलामी भी ली।
सोमनाथ मैदान में बारिश होने के कारण इस मैदान में स्थिति इंडोर स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह हुआ। 176 रिक्रूट अंतिम पग पार कर विधिवत रूप से भारतीय सेना का अंग बन गए। धर्मगुरु पं. सूबेदार दिनेश चंद्र जोशी ने राष्ट्रीय ध्वज और गीता को साक्षी मानकर जवानों को शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने कहा कि नव प्रशिक्षित जवानों ने सेना में शामिल होकर सर्वश्रेष्ठ निर्णय लिया है।
उन्होंने रेजीमेंट के गौरवशाली इतिहास पर भी जानकारी दी, जवानों से बटालियनों में जाकर रेजीमेंट का नाम रोशन करने का आह्वान किया। कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। इस दौरान उप कमांडेंट कर्नल निखिल श्रीवास्तव, टीबीसी शौर्य चक्र कर्नल नीरज सूद, जीएसओ-1 ले. कर्नल संदीप शील सहित तमाम वरिष्ठ और जूनियर अधिकारी मौजूद रहे।
जवानों के परिजन भी हुए सम्मानित
रानीखेत। शपथ ग्रहण समारोह में जवानों के परिजन भी पहुंचे थे, बच्चों को देश सेवा की शपथ लेता देख परिजनों की आंखें खुशी से छलक पड़ी। कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने परिजनों के प्रयासों की भी सराहना की और उन्हें गौरव पदक से सम्मानित किया।
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विभिन्न गतिविधियों में अव्वल रहे ये जवान हुए सम्मानित
बीपीइटी में नीरज सिंह, फायरिंग में हिमांशु सिंह, टीएसओईटी में धर्मेंद्र सिंह, ड्रिल में नरेंद्र सिंह, ओवर आल में उमेश सिंह।
उत्तराखंड से 99 जवानों ने ली शपथ
रानीखेत। शपथ ग्रहण समारोह में उत्तराखंड से सबसे अधिक 99, उत्तर प्रदेश से 27, हरियाणा से 08, राजस्थान से 31, दिल्ली और महाराष्ट्र से दो-दो, नागालैंड, ओडीसा, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और आंध्र प्रदेश से एक-एक जवान ने शपथ ली।