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पहाड़ में कीवी उत्पादन तो बढ़ा, लेकिन नहीं मिल पा रहे कास्तकारों को रेट

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भड़गांव में कीवी के फल तोड़ते मोहन चाचा। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पहाड़ के किसानों में कीवी उत्पादन को लेकर क्रेज तो बढ़ा, लेकिन बाजार में उन्हें रेट नहीं मिल पा रहे हैं। कोल्ड स्टोरेज नहीं होने के कारण फलों के खराब होने का खतरा अलग रहता है, जिस कारण किसान उत्पादों को औने पौने दामों पर भी बेच देते हैं। चौबटिया के भड़गांव में मोहन बेलवाल (चाचा) ने इस बार दो क्विंटल कीवी का उत्पादन किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अभी भी इस फल के बारे में कम ही जानते हैं। इसके लिए प्रचार प्रसार होना जरूरी है।
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किसान मोहन चाचा ने बताया कि उद्यान विभाग की मदद से उन्होंने छह साल पहले कीवी का प्लांटेशन किया। छह साल में कीवी के पौधे फल देने लगते हैं। इस बार सबसे अधिक कीवी का उत्पादन हुआ है, लेकिन रेट नहीं मिल पा रहे हैं। बाजार में कीवी लेकर गए, वह भी मनमाफिक दाम बता देते हैं। इसीलिए उन्होंने घर पर ही कीवी की ग्रेडिंग की और घर से ही सेल करनी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग चौबटिया के माध्यम से ही कीवी का प्लांटेशन हुआ था। वह कहते हैं कि कोल्ड स्टोरेज सिस्टम न होने के कारण बड़ी समस्या हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में लोग जानते भी नहीं हैं। इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जाना जरूरी है। यह फल कई रोगों में कारगर है। डेंगू रोग में यह फल उपयुक्त है। इसके खाने से प्लेटलेट बढ़ जाते हैं। उन्होंने कीवी फल को जैविक तरीके से उगाया गया है। मोहन चाचा कीवी के उत्पादन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भी जागरूक करते हैं, कई किसान फल का उत्पादन कर रहे हैं।
पोषण की खान है कीवी
रानीखेत (अल्मोड़ा)। कीवी फल में कई एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है। कीवी में विटामिन सी, विटामिन के पाया जाता है। फाइबर भी होता है। कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए कारगर फल है। जानकार बताते हैं इसके सेवन से अर्थराइटिस की समस्या भी दूर हो जाती है।
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