केमू स्टेशन अल्मोड़ा में खड़ी केमू की बस।
- फोटो : अमर उजाला
तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सवारी में गिनने के विरोध में जिले में कुमाऊं मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड (केमू) की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण केमू स्टेशन सुनसान रहा। कई यात्री केमू स्टेशन में बसों का इंतजार करते हुए देखे गए। रोडवेज स्टेशन और टैक्सी स्टैंड में यात्रियों की भीड़ रही।
केमू स्टेशन अल्मोड़ा के इंचार्ज बीबी चंदोला ने बताया कि बागेश्वर, पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, चंपावत, सेराघाट, देघाट, मिर्थी, जैंती समेत कई स्थानों को प्रतिदिन 47 बसें अप-डाउन करती हैं। हड़ताल के कारण बसों का संचालन पूर्ण रूप से ठप रहा। हड़ताल से केमू को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। पहाड़ के कई रूटो पर रोडवेज की बसों का संचालन पहले से ही बंद पड़ा है। केमू की हड़ताल के कारण डाक सेवा भी बाधित रही।
ट्रक एसोसिएशन की हड़ताल का मिला जुला असर रहा
अल्मोड़ा। ऑल इंडिया ट्रक एसोसिएशन की हड़ताल का जिले में मिला-जुला असर रहा। ट्रक और ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष दीपेश जोशी ने कहा कि बताया कि शनिवार को एक्का-दुक्का ट्रक चले।
कम किराया होने से केमू में करते हैं सफर
अल्मोड़ा। केमू की बसों का किराया रोडवेज की बसों की अपेक्षा काफी कम है। केमू की बस में अल्मोड़ा से हल्द्वानी का किराया 125 रुपये है जबकि रोडवेज का किराया 160 रुपये है। कम किराया होने के कारण अधिकांश लोग केमू की बसों में ही सफर करना पसंद करते हैं।