फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किडनी प्रकरण में डॉ. ओपीएल के पक्ष में खड़े हुए जनसंगठन

Sat, 21 Jul 2018 11:57 PM IST
  अमर उजाला ब्यूरो  रानीखेत (अल्मोड़ा)।
विज्ञापन
डा. ओपीएल श्रीवास्तव के पक्ष में बैठक करते जनसंगठनों के लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 व्यापार मंडल सहित नगर के विभिन्न जनसंगठन अब एमएन हास्पिटल के संचालक डॉ. ओपीएल श्रीवास्तव के पक्ष में खड़े हो गए हैं। पदाधिकारियों ने किडनी निकालने के आरोपों को साजिश करार दिया। कहा कि पिछले 40 सालों से श्रीवास्तव दंपति रोगियों की सेवा कर रहे हैं। ऐसे अनर्गल आरोप लगाकर कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई।
विज्ञापन


मालूम हो कि कुछ दिन पूर्व तहसील के नैणी कुंवाली गांव निवासी खीम सिंह बिष्ट ने अस्पताल पर उपचार के दौरान उनकी पत्नी खष्टी देवी की किडनी निकाल लेने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। न्याय के लिए जिलाधिकारी और एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपकर गुहार लगाई थी। इधर, डॉ. ओपीएल श्रीवास्तव ने भी मय सबूत अपना पक्ष पत्रकारों के सम्मुख रखा। इधर शनिवार को विभिन्न संगठन भी डॉ. ओपीएल श्रीवास्तव के पक्ष में खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने संक्रमित किडनी को निकाला है। पैथोलॉजी रिपोर्ट में भी ट्यूमर की पुष्टि हो चुकी है। बैठक में व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी, उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष संदीप गोयल, कैलाश पांडे, उमेश पांडे, जगदीश अग्रवाल, पूर्व कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष मोहन नेगी, संदीप चौरसिया, आनंद अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल आदि मौजूद थेे। 

किडनी प्रत्यारोपण की नहीं है सुविधा 
रानीखेत। जनसंगठनों का कहना है कि रानीखेत जैसे छोटे शहर में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा नहीं है और ना ही उच्च स्तरीय उपकरण, वैसे भी दो घंटे के भीतर किडनी प्रत्यारोपित हो जानी चाहिए। कैंट उपाध्यक्ष मोहन नेगी, त्रिभुवन शर्मा, सीकेएस बिष्ट, प्रेम शर्मा, देवीदत्त बिष्ट, भुवन जोशी, संजय पंत, विनोद चंद्र आदि कहा कि श्रीवास्तव दंपति पिछले चार दशकों से सस्ती दरों पर लोगों का उपचार कर रहे हैं। इधर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम मामले की जांच में जुटी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें