मुंबई में शुक्रवार से प्रस्तावित प्रवासी उत्तराखंडियों के महोत्सव (कौथिग) में जहां कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी लोक संस्कृति की बयार बहेगी, वहीं इस महोत्सव के माध्यम से 10 लाख उत्तराखंडी प्रवासियों का मिलन भी होगा।
पहाड़ी उत्पाद माल्टा, नींबू, पुदीना, गहत दाल, मडुवा, झंगोरा स्टॉलों में अपनी खुशबू बिखेरेंगे। महोत्सव की थीम देवभूमि के बदरीनाथ धाम पर आधारित होगी। पांच दिवसीय समारोह में 23 जनवरी को मुख्यमंत्री हरीश रावत भी शिरकत करेंगे, जबकि उद्घाटन प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक रावत करेंगे।
मुंबई में प्रवासी उत्तराखंडियों की कौथिग फाउंडेशन पिछले आठ सालों से इस महोत्सव का आयोजन कर रहा है। अब तक केदारनाथ, जागेश्वर धाम की प्रतिकृति इस महोत्सव की थीम बन चुकी है। पांच दिवसीय इस महोत्सव में सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम होंगे। नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगेगा।
साथ ही आर्थिक, सामाजिक पहलुओं पर सेमिनार, वैवाहिक रजिस्ट्रेशन होंगे। 24 को उत्तराखंड के पहाड़ से हो रहे पलायन पर चिंतन कार्यशाला होगा। पहाड़ के उत्पादित माल्टा, बुरांश, खुबानी, पुदीना, खाद्य उत्पाद कोदा, झंगोरा, राजमा, गहत, भट्ट, भंगजीर आदि उत्पाद स्टालों पर खुशबू बिखेरेंगे।
मुंबई के प्रवासियों के अलावा बाहर रहने वाले उत्तराखंडी प्रवासी भी इस मिलन समारोह में मौजूद रहेंगे। फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. योगेश्वर शर्मा, दिनेश बिष्ट आदि लोगों ने समारोह को भव्य बनाने की अपील की है। इस समारोह में कई सामाजिक, राजनैतिक, फिल्मी हस्तियों के पहुंचने की उम्मीद है।
उत्तराखंड प्रवासियों का महोत्सव कौथिग 2016 में नंदा राजजात यात्रा की शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र होगी। कल 22 जनवरी को शाम चार बजे गांव देवी मंदिर नेरुल से रामलीला मैदान तक यात्रा निकलेगी। इस दौरान छलिया नृत्य भी होगा। कुमाऊं, गढ़वाल के तमाम प्रख्यात लोक कलाकार भी इस कार्यक्रम में अपने फन का जादू बिखेरेंगे।