सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने नगर पालिका के अधिकारियों को निकाय कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दैनिक मजदूरी में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को लोनिवि द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर भुगतान किया जाए। उन्होंने नगर पालिका को संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति नियमानुसार करने के निर्देश दिए।
नगर पालिका में समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत के कार्यरत, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की एक अरब की देनदारी है।
इसके लिए सभी आवश्यक कागजात तैयार कर दिए गए हैं। इसे शीघ्र कैबिनेट में पास कराया जाएगा ताकि देनदारियों का भुगतान हो सके।
उन्होंने सफाई कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में आवश्यक अंकन पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पालिका के आय व्यय की जानकारी ली।
आठवीं कक्षा तक अध्ययनरत वाल्मीकि समाज, निर्बल वर्ग के बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाण पत्र की बाध्यता शिथिल कर दी गई है। समाज कल्याण विभाग अपने स्तर पर इसकी समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की स्थिति के बारे मे रिपोर्ट मांगी गई है।
इसके बाद कर्मचारियों को नियमित करने, संविदा पर रखने पर विचार किया जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्बल वर्ग के लोगों को सस्ते गल्ले की दुकान आवंटित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम विवेक राय, सफाई निरीक्षक लक्ष्मण सिंह भंडारी, प्रेम लाल, भारती आदि मौजूद थे।
उत्तराखंड स्वच्छकार कर्मचारी संघ ने सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव के अल्मोड़ा आगमन का विरोध किया। संगठन की बैठक में कुमाऊं मंडल अध्यक्ष राजपाल पवार ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान सिर्फ मुख्यमंत्री के पास है। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री पूर्व में ही कर चुके हैं।
वक्ताओं ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों को सफाई कर्मचारियों की मांगों के बारे में मुख्यमंत्री से की गई घोषणा के अनुसार शासनादेश जारी करवाना चाहिए। शाखा अध्यक्ष सुरेश केशरी ने कहा कि आयोग का गठन हुए एक वर्ष बीत चुका है लेकिन कर्मचारियों के हितों के लिए कोई काम नहीं हुआ है।
कर्मचारियों की समस्याएं आज भी लंबित पड़ी हैं। अध्यक्षता राजपाल पवार और संचालन दीपक सेलानी ने किया। बैठक में उपाध्यक्ष सतीश कुमार, अनिल कुमार, दीपक चंदेल, राजेश टांक, सुरेश परदेशी, हरी प्रसाद, सुनील कुमार, चंद्रशेखर पवार, राजेंद्र पवार, चेतन कुमार, ललित कुमार आदि मौजूद थे।