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करन को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर कांग्रेसी गदगद

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करन माहरा को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर कांग्रेसियों ने रानीखेत में जश्न मनाया। संवाद - फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कांग्रेस के युवा नेता और पूर्व विधायक करन माहरा को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर कार्यकर्ताओं का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। केंद्रीय नेतृत्व की मुहर लगते ही कार्यकर्ता यहां गांधी चौक पर एकत्र हो गए। यहां जमकर आतिशबाजी कर बाजार में जुलूस भी निकाला गया।
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कार्यकर्ताओं ने कहा कि युवा नेतृत्व के हाथों में प्रदेश की कमान आने के बाद कांग्रेस मजबूत होगी। गांधी चौक पर कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। कहा कि करन माहरा में कुशल नेतृत्व की क्षमता है और वह सबको साथ लेकर चलेंगे। कुमाऊं और गढ़वाल में सामंजस्य बैठाकर काम करेंगे। इस दौरान नगर में देर शाम जुलूस निकाल प्रदर्शन भी किया गया।
प्रोफाइल
करन माहरा
-1990 के दशक में उक्रांद से नाता जोड़ा।
-2000 में राज्य बनने के बाद कांग्रेस में वापसी।
-2004 में ताड़ीखेत ब्लॉक के युवा ब्लॉक प्रमुख।
-2007 में भाजपा के दिग्गज अजय भट्ट को हराकर पहली बार विधायक बने।
-2012 में भाजपा के अजय भट्ट से 78 मतों से हारे।
-2017 में भाजपा के अजय भट्ट को 4900 मतों से हराया।
-2022 में भाजपा के डॉ. प्रमोद नैनवाल से 24 सौ मतों से हारे।
........तो इस बार हारे हुए प्रत्याशी ही मजबूत करेंगे भाजपा और कांग्रेस को
रानीखेत (अल्मोड़ा)। प्रदेश की सियासत में इस बार सब कु छ उलट-पुलट हो रहा है। भाजपा ने जहां खटीमा विधानसभा क्षेत्र से हारे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दोबारा ताजपोशी की तो वहीं कांग्रेस ने भी रानीखेत सीट से हारे करन माहरा को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। इस तरह से दोनों ही दलों ने प्रदेश की बागडोर हारे हुए नेताओं को सौंपकर अपने अपने कुनबे को मजबूत करने का मन बनाया है। हालांकि कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में कई दिग्गज नेता थे, लेकिन रानीखेत के करन ने सभी को पछाड़ते हुए यह पद हासिल कर लिया।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष पद पर कांग्रेस ने स्थिति देर शाम स्पष्ट कर दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने युवा नेता पर दांव खेला है। रानीखेत सीट से चुनाव लड़े पूर्व विधायक करन माहरा भाजपा नेता डॉ. प्रमोद नैनवाल से लगभग 24 सौ मतों से पराजित हो गए थे। दूसरी तरफ प्रदेश में सरकार भी भाजपा की बन गई। अमूमन राज्य बनने के बाद जब सरकार भाजपा की आती है तो विधायक कांग्रेस का और कांग्रेस सरकार में होती है तो विधायक भाजपा का। इस बार मिथक टूटा। विधायक भी भाजपा का तो सरकार भी भाजपा की ही बनी। इधर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस बार युवा प्रदेश अध्यक्ष का दांव चला है। करन माहरा को प्रदेश अध्यक्ष बना जहां कांग्रेस ने युवाओं में पकड़ बनाने की सोची है, वहीं नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी कद्दावर नेता यशपाल आर्या को सौंपी है।
मदन को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाने से पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे
रानीखेत। नेता प्रतिपक्ष पद पर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने द्वाराहाट विधायक मदन बिष्ट की अनदेखी की। इससे कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। प्रदेश प्रवक्ता और जिला महामंत्री रानीखेत नारायण रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संगठन नहीं बल्कि प्राइवेट कंपनी बनकर रह गई है। यहां योग्यता और नेतृत्व क्षमता को नहीं आंका जा रहा है। रावत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस को मजबूत करने के लिए कार्य किया लेकिन प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव और कांग्रेस के चाटुकारों ने ही प्रदेश से हरीश रावत को खत्म करने की साजिश रची है। कहा कि जिन्होंने पांच साल भाजपा में मंत्री बनकर मलाई खाई उन्हें आज नेता प्रतिपक्ष बना दिया गया है, जो कि गलत है।
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