अल्मोड़ा। विभिन्न मांगों को लेकर मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के आउटसोर्स कार्मिकों का सांकेतिक प्रदर्शन जारी है। बुधवार को दूसरे दिन भी कार्मिकों ने बांह पर काला फीता बांध सांकेतिक प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिला है। संक्रमण के दौर में भी वह बिना वेतन के लगातार संक्रमितोें की सेवा में जुटे हैं। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों ने बुधवार को बांह पर काला फीता बांधकर ड्यूटी की। वक्ताओं ने कहा कि कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के बीच भी वह लगातार कोविड अस्पताल में संक्रमितों का उपचार कर रहे हैं। बावजूद इसके उनकी समस्या कोई सुनने वाला नहीं हैं। दो माह से अधिक समय से कार्मिकों को वेतन नहीं मिला है। वेतन के बगैर भी लगातार ड्यूटी कर रहे हैं, वेतन नहीं मिलने से उनपर आजीविका का संकट गहरा गया है। कहा कि कर्मियों का जीवन बीमा नहीं है, जिससे उनकी सुरक्षा पर भी बड़े सवाल हैं। इसके अलावा वेतन से पीएफ, ईएसआईसी, एचआर समेत कई मदों में राशि काटी जाती है, लेकिन उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती वह बांह में काला फीता बांध सांकेतिक प्रदर्शन पर डटे रहेंगे। जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन के लिए भी बाध्य होंगे। इस मौके पर रजनीश तिवारी, आशीष तिवारी, कामेश गोस्वामी, हिमांशु जोशी, गौरव कुमार, वंदना चौड़िया, कमलेश मिश्रा, पूजा फुलरा, रेनु सतवाल, शिवानी जोशी, सुष्मिता, किशन चंद्रा, वंदना लुईस आदि मौजूद रहे।
संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर मिले वेतन: आप
अल्मोड़ा। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित जोशी ने बेस अस्पताल में कार्य कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर वेतन भुगतान की मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि इन कार्मिकों का बीमा नहीं कराया जाना निंदनीय है।
उन्होंने कहा है कि संविदा स्वास्थ्य कर्मी कोरोना मरीजों की लगातार सेवा कर रहे हैं। लेकिन सरकार इन फ्रंटलाइन वर्कर्स की उपेक्षा कर रही है। आरोप लगाया है कि बेस अस्पताल के कोविड सेंटर में कर्मचारियों को कमी है। मरीजों को समय पर नहीं देखा जा रहा है। आरोप लगाया है कि तीरथ सरकार कोरोना महामारी रोकने में पूरी तरह फेल हो चुकी है। कोविड काल में प्रदेश के अस्पतालों की व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। ऐसे संकट के समय में सरकार को जनता के बीच होना चाहिए था। पर मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक जनता की मदद करने में पूरी तरह असफल रहे हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य से सापेक्ष वेतन और स्थाई नियुक्ति मिले
अल्मोड़ा। कांग्रेस नेता पूर्व दर्जा राज्य मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कोरोना काल में आउटसोर्सिंग से तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को कार्य के सापेक्ष वेतन, स्थायी नियुक्ति या संविदा पर तैनात करने की मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम नितिन सिंह भदौरिया को सौंपकर कहा कि कोरोना काल में नर्सिंग स्टाफ और टेक्नीशियनों को आउटसोर्सिग, पीआरडी, उपनल के माध्यम से मेडिकल कालेज में नियुक्ति दी गई है। महामारी के दौर में यह कार्मिक कोविड लैब, कोविड वार्ड, वैक्सीनेशन कक्ष, सैंपलिंग, एंबुलेंस संचालन आदि कार्य निरंतर कर रहे हैं। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ और टैक्नीशियनों को 12900 रुपये और 8000 प्रति माह का मानदेय के स्थान पर तीस हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की मांग उठाई है। साथ ही उनका बीमा कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा है कि इन कार्मिकों को आउटसोर्सिंग के बजाए विभाग की ओर से मानदेय दिया जाना चाहिए।
सभी शिक्षकों को मिले चयन प्रोन्नत वेतनमान
अल्मोड़ा। पदोन्नत शिक्षक संघर्ष मंच (राजकीय एलटी समायोजित) के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर फुलोरिया ने सरकार से एलटी में समायोजित सभी शिक्षकों को चयन और प्रोन्नति वेतनमान देने की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा है कि जो शिक्षक इस मुद्दे को लेकर न्यायालय की शरण ले रहे हैं। उनको विभाग और अधिकारी चयन प्रोन्नत वेतनमान दे रहे है लेकिन अन्य शिक्षक इससे वंचित हैं। मुख्यमंत्री और शिक्षा सचिव के आदेश भी इस मामले में बेअसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यदि विभाग ने चयन प्रोन्नत वेतनमान का एक समान शासनादेश जारी नहीं किया तो जून में कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए शिक्षा निदेशालय देहरादून में प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी।
स्वास्थ्य सुविधा में सुधार को युकां कार्यकर्ताओं ने किया सांकेतिक प्रदर्शन
अल्मोड़ा। बेस अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोविड कर्फ्यू के दौरान अपने-अपने घरों पर सांकेतिक प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि बेस अस्पताल में कोविड मरीजों के उपचार के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त की जानी चाहिए। ताकि महामारी के दौर में लोगों को राहत मिल सके। प्रदर्शन में युकां जिलाध्यक्ष निर्मल रावत, जिला महासचिव संजीव कर्म्याल, सुनील सिंह, देवेंद्र बिष्ट, विनोद कुमार, आशीष कुमार, पवन गैड़ा, विक्रम नेगी आदि शामिल हुए। चौखुटिया की ब्लाक प्रमुख किरन बिष्ट ने भी मुहिम को समर्थन दिया।