जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने कलक्ट्रेट सभागार में सैनिक परिषद की बैठक ली। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों की सभी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। इस मौके पर डीएम ने स्व. सूबेदार मेजर नारायण सिंह की पत्नी मोतिमा देवी को राज्य सरकार द्वारा देय वीरता पुरस्कार की एक लाख 60 हजार चार सौ रुपये की धनराशि का चेक सौंपा।
डीएम कहा कि सामाजिक कार्यों में पूर्व सैनिकों की भागीदारी अधिक से अधिक हो। उनके सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। पूर्व सैनिकों ने शहीद पार्क की सफाई, शहर के पेट्रोल पंपों में वाहनों के टायरों में हवा भरने की सुविधा देने आदि मुद्दे उठाए। प्रतिवर्ष जल मूल्य में 15 फीसदी बढ़ोत्तरी को अव्यवहारिक बताया। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल आरपी जोशी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 20 सैनिक विधवाओं को पुत्री के विवाह को राज्य सरकार की ओर से 17 लाख, 495 अभ्यर्थियों को 36 लाख 57 हजार पांच सौ रुपये की शैक्षिक सहायता, एक पूर्व सैनिक को स्वरोजगार के लिए 30 हजार रुपये अनुदान पर ऋण दिया गया। पांच नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों को 60 हजार रुपये पैन्यूरी ग्रांट केंद्रीय सैनिक बोर्ड की ओर से दी गई।
पूर्व सैनिकों की मृत्यु के उपरांत विभिन्न अभिलेखों और कैंटीनों से आश्रितों को 7.78 लाख रुपए, द्वितीय विश्व युद्ध पेंशनरों को 69.12 लाख रुपये वितरित किए गए। वीरता पदक प्राप्त गौरव सेनानियों, वीरांगनाओं को 15.77 लाख, पूर्व सैनिकों के 160 पाल्यों को नि:शुल्क भर्ती पूर्व प्रशिक्षण, एक युद्ध अशक्त सैनिक को दो लाख रुपये की आवासीय सहायता दी गई।
इसके अलावा विभाग द्वारा जिले के 49 स्थानों पर शिविर लगाए गए। बैठक में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर केसी जोशी, कर्नल जेसी लोहनी, ले. कमांडर एचएस सांगा, कै. जेके पंत, नगर पालिका के प्रकाश चंद्र तिवारी, हेमा गुणवंत, पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष पीजी गोस्वामी, सुरेंद्र लाल टम्टा, एडीआईओ अजनेश राणा के अलावा ब्लाक प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।