जिला पंचायत की बैठक के दूसरे दिन सदन ने ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए काश्तकारों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने पर जोर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती मेहरा ने लघु सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। जनप्रतिनिधियों द्वारा सदन में उठाई जाने वाली समस्याओं के समय से निस्तारण के निर्देश दिए।
लघु सिंचाई विभाग को योजनाओं के रखरखाव के लिए जिला योजना से प्राविधान करने को कहा गया। कृषि विभाग की समीक्षा में सदस्यों ने सुझाव रखा कि न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले कृषक महोत्सव से कोई भी क्षेत्र वंचित नहीं रहे। महोत्सव सदस्यों के विचार विमर्श से आयोजित कराए जाएंगे।
गत दिनों बारिश से खेती को हुए नुकसान का मुद्दा उठा। सदस्यों ने अतिवृष्टि से हुए नुकसान का शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान अदरक और आलू का बीज पर्याप्त मात्रा में काश्तकारों को उपलब्ध कराने के साथ ही फल पट्टियों में फल संरक्षण केंद्र खोलने का प्रस्ताव भी रखा, जिस पर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया।
सदस्यों ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पंचायत घर बनाने के साथ ही गांवों के विकास कार्यों के लिए भेजी जाने वाली धनराशि की जानकरी दी जानी चाहिए। इसके अलावा पशुपालन, दुग्ध, स्वजल, उद्योग, मत्स्य, सहकारिता, जल निगम, जल संस्थान की भी समीक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी डा. अहमद इकबाल ने आश्वस्त किया कि सदन में रखे गए सुझावों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक में उपाध्यक्ष शिवेद्र रावत, ब्लाक प्रमुख पीतांबर पांडे, आनंदी कत्यूरा, सांसद प्रतिनिधि मोहन सिह मेहरा, रमेश बहुगुणा के अलावा जिला पंचायत सदस्य और अधिकारी उपस्थित थे।