संरक्षण के अभाव में जहां पारंपरिक नौले अस्तित्व खो रहे हैं, वहीं वन विभाग ने जल संवर्धन और संरक्षण कार्यक्रम के तहत नौलों को बचाने का बीड़ा उठाया है। विभाग ने सौनी, बटुलिया और दलमोटी क्षेत्र में तीन नौले बनाए हैं। प्रत्येक नौले की क्षमता 150 लीटर है। इन नौलों के निर्माण में साढ़े चार लाख रुपए की लागत आयी है।
मालूम हो कि सौनी, दलमोटी, बटुलिया क्षेत्र में कई पारंपरिक जल स्रोत हैं, संरक्षण के अभाव में अधिकांश जल स्रोत लावारिस हालत में हैं। पानी के संकट को देखते हुए वन विभाग ने कैंपा योजना के तहत जल संवर्धन का कार्य शुरू किया। रानीखेत रेंज कार्यालय ने सौनी के कंपाट नंबर 17 में जमींदोज हो चुके एक नौले को दोबारा बनाया है। बटुलिया और दलमोटी में नए नौले बनाए हैं। खास बात यह है कि तीनों नौले पानी से भरे हैं। पानी गंदा न हो नौलाें से 20-30 मीटर आगे बड़ी टंकियां बनाई गई हैं। इन्हीं टंकियों से ग्रामीण ठंडे पानी का इस्तेमाल करेंगे।