नैनीताल। होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस सोसायटी और ऊधमसिंह नगर में स्थित चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की ओर से शनिवार से दो दिनी राष्ट्रीय होम्योपैथी कांफ्रेंस शुरू हुई। इसका शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि कुलपति प्रो.केएस राना ने होम्योपैथी चिकित्सा को संपूर्ण आरोग्य प्रदान करने वाली पद्धति बताया।
उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ.बीएन सिंह ने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सकों को जनता की सेवा करते हुए उन्हें बेहतर इलाज देना होगा। केंद्रीय होम्योपैथिक परिषद के पूर्व सदस्य एवं कांफ्रेंस के संयोजक डॉ.अनुरुद्ध वर्मा ने होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली को असाध्य रोगों के उपचार का खजाना बताया। आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ.किशोर चंदोला ने अतिथियों का स्वागत किया।
होम्योपैथिक निदेशक डॉ.राजेंद्र सिंह, बंगलूरू से आए डॉ.बीडी पटेल, पूना के डॉ.धर्मेंद्र शर्मा, दुबई के चिकित्सक डॉ.शेख समशुर रहमान, ग्वालियर की डॉ.सपना गुप्ता, दिल्ली के डॉ.दीपक शर्मा, बंगलूरू के डॉ.एचएल स्वामी, जबलपुर के डॉ.जीबी पाटिल, लखनऊ के डॉ.ओपी श्रीवास्तव ने थायराइड, अहमदाबाद के डॉ.गौरी शर्मा ने भी विचार रखे। इस मौके पर डॉ.प्रमोद चंदोला, डॉ.पल्लवी, डॉ.मीरा, डॉ.गौरी शर्मा, डॉ.तनवीर हुसैन, डॉ.सपना गुप्ता, डॉ.ओपी श्रीवास्तव, डॉ.पंकज श्रीवास्तव समेत देश भर के चार सौ होम्योपैथिक विशेषज्ञ मौजूद थे।
छह चिकित्सक हुए सम्मानित
कुलपति प्रो.केएस राना ने होम्योपैथी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए बागेश्वर के डॉ.प्रमोद चंदोला, पूना के डॉ.धर्मेंद्र शर्मा, बंगलूरू के प्रो.बीडी पटेल, डॉ.एचएल स्वामी, जयपुर के डॉ.अतुल कुमार सिंह, छतरपुर मध्य प्रदेश के डॉ.जगतनाथ मिश्र को सम्मानित किया।