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जनाधार केंद्र में प्रमाणपत्र बनवाने वालों की भीड़ पहले से चार गुना बढ़ी

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अल्मोड़ा /बागेश्वर। लॉकडाउन के बाद कलक्ट्रेट में विभिन्न तरह के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है। लॉकडाउन से पहले की अपेक्षा इन दिनों प्रमाणपत्र बनवाने चार गुना से अधिक लोग पहुंच रहे हैं। अधिक भीड़ होने से लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।
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जानकारी के अनुसार लॉकडाउन से पहले मार्च माह में केंद्र में कम ही लोग पहुंचते थे। लेकिन इन दिनों यहां काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इसका कारण इन दिनों बन रहे राशन कार्ड को भी बताया जा रहा है। लोगों को राशन कार्ड बनवाने के लिए विभिन्न प्रमाण पत्रों की जरूरत पड़ रही है। बताया जा रहा है कि लॉकडाउन से पहले औसतन 60 से 80 लोग प्रतिदिन प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचते थे। इन दिनों यह संख्या बढ़कर करी 300 हो गई है।
इधर बागेश्वर में भी सीएससी सेंटरों में प्रमाण पत्रों के लिए आ रहे आवेदनों की संख्या में इजाफा हुआ है। राशनकार्ड ऑनलाइन कराने और 12वीं का बोर्ड परीक्षा परिणाम आने से ऑनलाइन प्रमाणपत्रों के आवेदन की संख्या तेजी से बढ़ी है। यहां ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र में आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, स्थायी निवास, हैसियत, सामान्य चरित्र प्रमाण पत्र, ठेकेदारी चरित्र प्रमाण पत्र, उत्तरजीवी प्रमाण पत्र आदि प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। केंद्र में अप्रैल में जहां आवेदनों की संख्या मात्र 14 रही। मई में प्रमाणपत्रों के लिए 225 आवेदन हुए, जिनमें से 207 आवेदन निस्तारित किए गए। जून में 464 आवेदकों ने आवेदन किया। 386 आवेदन निस्तारित हुए। जुलाई में आवेदकों की संख्या 885 पहुंच गई। इनमें 622 निस्तारित हुए हैं। अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में 500 से अधिक आवेदन आ चुके हैं।
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15 दिन के भीतर दे दिया जाता है प्रमाणपत्र
बागेश्वर। प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। जिसके बाद ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र से आवेदनों को निस्तारित किया जाता है। आवेदन के बाद प्रमाण पत्र निस्तारित होने की समय सीमा 15 दिन की होती है। इसका शुल्क प्रत्येक प्रमाण पत्र के लिए 30 रुपये निर्धारित किया गया है।
शादी के बाद विवाह प्रमाणपत्र बना लिया है। मायके से बदलकर अब ससुराल का स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाना है। प्रमाणपत्र के लिए कई अन्य दस्तावेज मांग रहे हैं। भीड़ अधिक होने के कारण भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। अब तक दो चक्कर लगा चुकी हूं। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
-प्रीति नेगी, हीराडुंगरी।
-जनाधार केंद्र खुलने से काफी राहत मिल रही है। कई जरूरी प्रमाणपत्र बनवाने हैं, इसके लिए इंतजार कर रहा था। अभी प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे हैं। थोड़ा भीड़ अधिक होने से परेशानी तो है, लेकिन कम से कम प्रमाणपत्र बन रहे हैं तो उससे राहत भी मिली है।
- मनोज कुमार, लोधिया।
- काफी दिन पहले प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। 15 दिन का समय दिया गया था। प्रमाणपत्र बना या नहीं पता करने आया हूं। लॉकडाउन में काफी दिनों से लोगों के प्रमाणपत्र बनने का कार्य रुका था। कार्य शुरू होने से लोगों को राहत मिली है। भीड़ अधिक होने से थोड़ी दिक्कतें हैं। पर कार्य होने से परेशानी कम हो गई है।
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-कैलाश जोशी, ढूंगाधारा।
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