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Almora News: कैंची धाम में जाम, पांच घंटे का सफर 11 घंटे में हुआ पूरा

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। हल्द्वानी-रानीखेत राष्ट्रीय राजमार्ग पर कैंची धाम के पास लग रहे भीषण जाम से शनिवार को यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। हल्द्वानी से दोपहर एक और दो बजे रवाना हुई केमू की बसें रात करीब 12 बजे रानीखेत पहुंची।
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आमतौर पर चार से पांच घंटे में पूरा होने वाला सफर करीब 11 घंटे में पूरा हुआ। बसों में सवार चौखुटिया, द्वाराहाट, गगास समेत कई क्षेत्रों के यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। लंबे इंतजार से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कैंची धाम क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा जाम की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

क्या बोले लोग

हर सप्ताहांत कैंची धाम के पास यही स्थिति रहती है। पांच घंटे का सफर 10-11 घंटे में पूरा करना पड़ा। प्रशासन को अब स्थायी समाधान निकालना चाहिए। - महेश सिंह, द्वाराहाट
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- घंटों जाम में फंसे रहने से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। रास्ते में खाने-पीने और जरूरी सुविधाओं की भी दिक्कत रही। - मीना देवी, चौखुटिया
- कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन यातायात व्यवस्था पर्याप्त नहीं दिख रही। हर बार आम लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। - हरीश चंद्र, गगास
- जाम का असर सिर्फ पर्यटकों पर नहीं, बल्कि रोजमर्रा के यात्रियों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों पर भी पड़ रहा है। सरकार को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए। - सुंदर पांडेय, रानीखेत
कोट
- शनिवार को भवाली से कैंची धाम क्षेत्र में लगे भीषण जाम के कारण बसों का संचालन बुरी तरह प्रभावित रहा। कई बसें रात करीब 12 बजे रानीखेत पहुंची जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। - दिगंबर सिंह बिष्ट, प्रभारी केमू रानीखेत





मैदान में गर्मी से पहाड़ पर बढ़े सैलानी, स्टेशनों पर उमड़ी भीड़


अल्मोड़ा। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी बड़ी संख्या में अल्मोड़ा और रानीखेत की ओर रुख कर रहे हैं। सप्ताहांत में हिल स्टेशन पर्यटकों से गुलजार रहे। ग्रामीण रूटों पर वाहनों की सीमित आवाजाही से यात्री और सैलानी परेशान रहे। स्टेशन पर वाहनों के लिए यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।



दिल्ली, जयपुर, हरियाणा, बंगाल समेत विभिन्न शहरों से पर्यटक पहाड़ घूमने आ रहे हैं। पर्यटकों की आवाजाही से वाहनों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। यात्री वाहन पैक होकर जा रहे हैं। रविवार को स्याल्दे, सोमेश्वर, मानिला, भिकियासैंण, मौलेखाल आदि रूटों पर वाहनों का सीमित संचालन हुआ।



इस कारण इन रूटों को आने जाने वाले यात्रियों और सैलानियों को वाहनों के लिए स्टेशन पर चक्कर काटने पड़े। वाहन नहीं मिलने से उन्हें दिक्कतें हुई।



सुनील कुमार ने बताया कि मौलेखाल जाने के लिए आधे घंटे से खड़े-खड़े वाहन का इंतजार कर रहा हूं लेकिन वाहन नहीं मिला है। खीमानंद सिंह ने बताया कि सोमेश्वर जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहा है। स्टेशन पर इंतजार करते हुए 20 मिनट से अधिक समय हो गया है। मधुलिका जोशी ने बताया कि डुंगरा जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहा है। इस कारण परेशानी हो रही है।

हल्द्वानी रूट पर कतराने लगे टैक्सी चालक, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

रानीखेत (अल्मोड़ा)। कैंची धाम क्षेत्र में लगातार लग रहे भीषण जाम का असर अब टैक्सी संचालन पर भी पड़ने लगा है। घंटों जाम में फंसने और समय के साथ ईंधन की बर्बादी से परेशान टैक्सी चालक हल्द्वानी रूट पर जाने में आना-कानी करने लगे हैं। रविवार को रानीखेत से हल्द्वानी के लिए संचालित होने वाली 25 से अधिक टैक्सियों में से केवल आठ ही सुबह छह बजे से पहले रवाना हुईं। इसके बाद दिनभर हल्द्वानी जाने वाले यात्रियों को वाहन नहीं मिल सके।
टैक्सी चालकों का कहना है कि कैंची धाम में घंटों तक लगने वाले जाम के कारण समय की बर्बादी के साथ-साथ ईंधन का भी भारी नुकसान हो रहा है। यात्रियों ने इसे नियमित समस्या बताते हुए प्रशासन से जाम के स्थायी समाधान की मांग की है। संवाद
जाम से एक फेरा भी समय पर पूरा नहीं हो पा रहा
मोहन सिंह, प्रेम सिंह, तारा चंद्र, विक्की आदि टैक्सी चालकों का कहना है कि कैंची धाम में रोजाना लगने वाले जाम के कारण एक फेरा पूरा करने में ही कई अतिरिक्त घंटे लग रहे हैं। इससे समय, ईंधन और आमदनी तीनों प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक जाम की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक कई चालक हल्द्वानी रूट पर वाहन चलाने से बचते रहेंगे।
टैक्सी स्टैंड पर दिनभर इंतजार, सीट को लेकर नोकझोंक
हल्द्वानी जाने के लिए सुबह से ही यात्री टैक्सी स्टैंड पर वाहन का इंतजार करते रहे, लेकिन अधिकांश टैक्सियां नहीं चलने से लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। सीमित संख्या में उपलब्ध टैक्सियों में सीट पाने को लेकर कई बार यात्रियों के बीच नोकझोंक भी हुई। कई लोग बिना वाहन मिले वापस लौट गए, जबकि कुछ यात्रियों को मजबूरी में महंगे किराये पर निजी वाहन करने पड़े।
यात्रियों ने क्या कहा
सुबह से टैक्सी स्टैंड पर खड़े हैं, लेकिन हल्द्वानी जाने के लिए टैक्सी ही नहीं मिल रही। जरूरी काम से जाना था, अब समझ नहीं आ रहा कि कब पहुंच पाएंगे। हर रविवार यही परेशानी होने लगी है। - गोविंद सिंह, द्वाराहाट
- बसें इतनी भरी हुई आ रही हैं कि उनमें चढ़ना भी मुश्किल हो रहा है। छोटे बच्चों और सामान के साथ खड़े होकर सफर करना संभव नहीं है। इसलिए टैक्सी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन वह भी नहीं मिल रही। - रेखा देवी, रानीखेत
- बस से जाएंगे तो कैंची धाम के जाम में कई घंटे फंसना तय है। सोचा था टैक्सी से जाएंगे तो कुछ समय बच जाएगा, लेकिन ज्यादातर टैक्सी चालक हल्द्वानी जाने से बच रहे हैं। - दीपक जोशी, रानीखेत
- कई घंटे से वाहन का इंतजार कर रहे हैं। कुछ टैक्सियां आईं भी तो तुरंत भर गईं। सीट के लिए यात्रियों में बहस तक हो गई। आखिर आम यात्री जाएं तो जाएं कैसे? - महेश बिष्ट, चौबटिया
कोट
- कैंची धाम के जाम से टैक्सी चालकों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। कई चालक देर रात रानीखेत लौट रहे हैं। इसी वजह से रविवार को कई चालक हल्द्वानी नहीं गए, जिसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ा। - विजय रावत, इंचार्ज टैक्सी कार्यालय, रानीखेत
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