बागेश्वर। भारत की महिला टीम के कोच रहे चुके सुंदर गढि़या जिले में बॉक्सरों की नई पौध तैयार कर रहे हैं। खेल विभाग के माध्यम से वह 80 से अधिक बच्चों, किशोर और युवाओं को खेल के गुर सिखा रहे हैं। उनका मकसद जिले से अंतरराष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर तैयार करना है।
कपकोट तहसील क्षेत्र के तोली निवासी सुंदर गढि़या ने 2008 में जिले से ही कोचिंग की शुरूआत की थी। 2015 तक उन्होंने जिले में खिलाड़ियों को बॉक्सिंग के गुर सिखाए। 2017 में वह देश की जूनियर बालिका टीम के सहायक कोच बने। उन्होंने पूर्णकालिक कोच के रूप में भी टीम में सेवाएं दी। चार साल तक जूनियर टीम का कोच रहने के बाद 2020 में वह सीनियर महिला बॉक्सिंग टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल हुए। गढि़या के कोचिंग के दौरान मैरी कॉम, निखत जरीन, लवलीना बोरगोहेन, नीतू समेत कई प्रसिद्ध खिलाड़ी टीम का हिस्सा थे। 2024 तक वह सीनियर टीम के सहायक कोच रहे। 2024 में ही उन्होंंने जिले में आकर बॉक्सिंग कोच के रूप में दूसरी बार काम शुरू किया था।
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हिमांशु, रोशनी, हिमानी, भूमिका कर रहे नाम रोशन
कोच गढि़या से बॉक्सिंग के गुर सीख रहे कई खिलाड़ी अपने खेल के दम पर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। हिमांशु दानू को इसी साल आयरलैंड में भारतीय टीम के प्रशिक्षण कैंप के लिए चुना गया था। भूमिका बसेड़ा, रोशनी दानू, हिमानी बंगारी आदि खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। गढि़या ने बताया कि आने वाले वर्षों में कई खिलाड़ी एक साथ प्रदेश और राज्य स्तर पर भागीदारी कर जिले का नाम रोशन करेंगे।