पेयजल समस्या को लेकर बैठक करते संघर्ष समिति के लोग।
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आंदोलन के बावजूद ताड़ीखेत क्षेत्र की पेयजल समस्या दूर नहीं हो पा रही है। जिसके चलते क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों ने दो नवंबर से पुन: क्रमिक अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। गत दिनों यहां लोगों ने आंदोलन शुरू किया था, विधायक करन माहरा ने विभागीय अधिकारियों को समस्या दूर करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके निर्देश भी हवाई साबित हुए हैं। ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन की वृहद रणनीति तय की गई।
बाजार, तौड़ा, नई बस्ती सहित तमाम गांवों में लंबे समय से पेयजल समस्या बनी हुई है। यहां गगास-ताड़ीखेत पेयजल पंपिंग योजना और ऋषिगाड़ योजना से पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन वितरण व्यवस्था और लाइनों का रखरखाव नहीं होने के कारण आए दिन लोग पानी की समस्या से जूझते रहते हैं। क्षेत्रवासियों ने इसी माह क्रमिक अनशन शुरू किया था, विधायक करन माहरा ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को वितरण व्यवस्था ठीक करने, मेन लाइन से समान वितरण करने आदि के निर्देश दिए थे, इसके बाद भी समस्या हल नहीं होने पर उन्होंने स्वयं अनशन पर बैठने की चेतावनी दी, लेकिन अधिकारियों ने उनके निर्देशों को भी हवा में उड़ा दिया। इधर विकास संघर्ष समिति की बैठक में वक्ताओं ने विभागीय अधिकारियों पर तानाशाही रुख अपनाने का आरोप लगाया, कहा कि जब विधायक के निर्देश नहीं माने जा रहे हैं तो आम जनता की कौन सुने। कहा कि मेन लाइन से अवैध संयोजन दिए गए हैं, वह भी आज तक नहीं हटाए गए हैं, जिसके चलते समस्या जस की तस बनी हुई है। तय हुआ कि दो नवंबर से पुन: क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। बैठक में अध्यक्ष गोपाल सिंह, प्रधान प्रेमा आर्या, विजय भगत, मुन्ना पांडे, भानू मेहरा, भवानी देवी, आशु भगत, गौरी सिंह, डा. जेसी पांडे, मोहन सिंह, नरेश सिंह, धन सिंह, रमेश चंद्र जोशी, मदन बिष्ट सहित तमाम लोग थे।