शनिवार शाम को मौसम में अचानक बदलाव आ गया। नगर क्षेत्र में जहां आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलने के साथ मौसम में ठंडा रहा, वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि से जन जीवन प्रभावित रहा। धौलछीना और आसपास के क्षेत्रों में इस दौरान करीब एक घंटे तक लगातार ओलावृष्टि हुई। इस दौरान आंधी भी चली और किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचने की संभावना है। ओलावृष्टि के कारण बाड़ेछीना में चल रही रामलीला को एक दिन के लिए स्थगित करना पड़ा।
शनिवार दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव आया और एकाएक बादल छा गए और ठंडी हवा चलने लगी। आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शनिवार शाम को तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। धौलछीना सबसे प्रभावित इलाका रहा जहां अखंड रामायण का पंडाल आंधी और ओलावृष्टि से ध्वस्त हो गया। इस दौरान पांडाल में काफी लोग मौजूद थे तभी आंधी चलने से एक पेड़ पंडाल पर गिर गया। संयोग से किसी को चोट नहीं पहुंची। इस दौरान करीब एक घंटे तक ओलावृष्टि से धौलछीना में जाम की स्थिति भी बनी रही। तेज आंधी से सैम मंदिर के पास बिजली की लाइन पर पेड़ गिर जाने से लाइन टूट गई, जिससे रात भर लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा।
ओलावृष्टि से बाड़ेछीना में स्थित रामलीला पंडाल को भी नुकसान पहुंचा और रामलीला एक दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। इधर किसान जीत सिंह ने बताया कि उनकी लाई, पालक, गोभी, मटर, मेथी आदि फसल को ओलों से भारी नुकसान पहुंचा। बदौर निवासी पशुपालक भवान सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि के दौरान जंगल से लौटते समय उनके पशु भी चोटिल हो गए। बारिश और ओलावृष्टि के कारण ठंड में भी इजाफा हो गया है। हालांकि रविवार को सुबह धूप निकली और मौसम सुहावना रहा।