अल्मोड़ा। नैनीताल हर साल लाखों पर्यटक देश और विदेश से प्रकृति का आनंद लेने यहां पहुंचते हैं। इस बढ़ते पर्यटन का यहां की पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। एसएसजे परिसर के भूगोल विभाग के छात्र- छात्राओं ने नैनीताल का शैक्षिक भ्रमण कर इन प्रभावों को समझने का प्रयास किया।
उन्होंने राम गाड़ लघु जल विद्युत परियोजना को देखा और पन बिजली बनाने के तकनीकों को समझा। प्राध्यापकों ने छात्र- छात्राओं को झील पर पड़ रहे प्रभाव और झील से नगर पर पड़ने वाले प्रभावों के विषय में जानकारी दी। इसके बाद विद्यार्थियों ने सात ताल झील की संरचना और उसके पारिस्थितिक तंत्र को भी समझा। वहां विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक, डॉ. अरविंद सिंह यादव, डॉ. नरेश चंद्र पंत, डॉ. पूरन जोशी, नंदन सिंह जदौत आदि मौजूद रहे