बागेश्वर। जिला अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिलाओं में सामान्य प्रसव का आंकड़ा बढ़ा है। सितंबर माह में जिला अस्पताल में कुल 183 महिलाओं की डिलीवरी हुई। इनमें 145 महिलाओं का सामान्य प्रसव कराया गया, जबकि 38 महिलाओं की डिलीवरी ऑपरेशन के माध्यम से हुई। अस्पताल में सामान्य प्रसव की संख्या अधिक होने से सीजर प्रसव के मामलों में कमी दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 सितंबर तक हुई कुल डिलीवरी में करीब 90 फीसदी प्रसव सामान्य तरीके से हुए। वहीं करीब 10 फीसदी महिलाओं को ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराना पड़ा। अस्पताल में सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गर्भवतियों की नियमित जांच, प्रसव पूर्व देखभाल और समय पर चिकित्सकीय निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। महिला स्वास्थ्य के लिहाज से सामान्य प्रसव को प्राथमिकता दी जाती है।
गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच से कई जटिलताओं की समय रहते पहचान हो जाती है। चिकित्सकों की निगरानी में प्रसव कराने से मां और नवजात दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। बताया कि जरूरत पड़ने पर ही सावधानी से ऑपरेशन किया जाता है। अब महिलाओं में अब सर्जन के बाद होने वाली दिक्क्तों के प्रति भी डर कम होने लगा है।
जिन गर्भवतियों में प्रसव के दौरान जटिलता होती है, उनमें ऑपरेशन से प्रसव कराया जाता है। महिलाओं को प्रसव से पहले सावधानी बरतने की पूरी जानकारी दी जाती है। इसके कारण भी सामान्य प्रसव की संख्या सीजर प्रसव की तुलना में काफी अधिक रही है।
डॉ. रीमा उपाध्याय, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल