फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कला विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करें

Tue, 02 Aug 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अल्मोड़ा। कला शिक्षकों ने बैठक कर लोक कला के संरक्षण और बेरोजगारों को रोजगार के अवसर देने के लिए कला विषय को माध्यमिक कक्षाओं के पाठ्यक्रम में अनिवार्य तौर पर शामिल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक विषय होने से कला के प्रति छात्र-छात्राओं का रुझान लगातार गिर रहा है। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि लोक कलाओं के संरक्षण के लिए कला विषय को माध्यमिक स्तर के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना जरुरी है। वर्तमान में कला विषय को नौवीं और 10वीं कक्षाओं में वैकल्पिक विषय के तौर पर शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कला के प्रति छात्र-छात्राओं घटती जा रही की रुचि से लोक कलाओं पर भी प्रभाव पड़ रहा है। लोक कलाओं के संरक्षण और रोजगार के लिए कला को पाठ्यक्रम में शामिल करना जरूरी है। 

संगठन ने जूनियर स्तर के छात्र-छात्राओं को कला विषय के निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराने, कला शिक्षकों और विद्यार्थियों की कृतियों के प्रदर्शन को शैक्षिक कलेंडर में शामिल करने की भी मांग उठाई। बैठक में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए डा. हरीश दफौटी, प्रदीप राज, डीएस टोलिया, पूजा भाकुनी, सुमित पांडे, भारतेंदु जोशी, कुवर पपनै, प्रकाश पपनै, त्रिभुवन पांडे, दीप पांडे, भीम राव गौतम, लता वर्मा, पीतांबर शर्मा, भूपेंद्र सिंह, गीता नेगी, शैलजा आर्या, अर्जुन सिंह, कमलेश सिंह, ज्योति भट्ट आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें