जागेश्वर धाम के समीप दोमंजिले मकान में सुबह अचानक आग लग गई। आग बुझाने अल्मोड़ा से फायर वाहन भी पहुंचा। लोगों का आरोप है कि फायर वाहन में आधा ही पानी भरा था।
स्थानीय लोगों ने बड़ी मशक्कत के बाद शाम को आग पर काबू पाया। अग्निकांड में करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग अन्य मकानों में फैलने से बच गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जागेश्वर धाम के मुख्य गेट के सामने करीब 30 मीटर की दूरी पर सेवानिवृत्त शिक्षक लक्ष्मी दत्त भट्ट का मकान है। श्री भट्ट महात्मृत्युंजय मंदिर के पुजारी भी हैं।
उनका परिवार पास ही के गांव गोठयूड़ा में रहता है। आज सुबह उनके दोमंजिले मकान में आग लग गई। लोगों ने करीब बारह बजे धुआं उठता देखा तो इसकी जानकारी अल्मोड़ा फायर ब्रिगेड को दी और आग बुझाने में लग गए।
अल्मोड़ा से फायर ब्रिगेड करीब ढ़ाई बजे मौके पर पहुंचा। लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड वाहन में आधा ही पानी भरा था। इससे आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग नहीं बुझी। बाद में स्थानीय लोगों ने जागेश्वर से ही फायर ब्रिगेड वाहन में पानी भरवाया।
शाम करीब साढ़े पांच बजे लोग आग पर काबू पा सके। अग्निकांड में मकान के पांच कमरे और घर में रखे बर्तन आदि सामग्री जलकर राख हो गई। भवन स्वामी लक्ष्मी दत्त भट्ट ने बताया कि अग्निकांड में उन्हें करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
शाम को एसडीएम अनिल चन्याल भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि भवन स्वामी घर के भीतर मंदिर में दीया जला गए थे। उससे ही आग लगी।
सोमवार देर शाम वन पंचायत फुलई जागेश्वर के जंगल में आग लग गई। आग काफी बड़े क्षेत्र में फैल गई है। जागेश्वर के प्रधान हरिमोहन भट्ट ने बताया कि ग्रामीण आग बुझाने में लगे हैं।