अल्मोड़ा में लगी चित्रकला प्रदर्शनी
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अल्मोड़ा। हाईकोर्ट के न्यायाधीश सर्वेश कुमार गुप्ता ने कहा है कि जो बात शब्द नहीं कर सकते चित्रों के माध्यम से उसे बखूबी अभिव्यक्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा नगर संस्कृति की धरोहर है। इसे सजाने और संवारने को युवा पीढ़ी के साथ ही सभी को सजग रहना चाहिए। वह एसएसजे परिसर में दृश्य कला विभाग की पांच दिनी अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी अनुभूति के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही भारतीय दर्शन, संस्कृति, सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहरों को आगे बढ़ाना युवा पीढ़ी का दायित्व है। उन्होंने कलाकारों द्वारा प्रदर्शित चित्रों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल ने कहा कि कला एक साधना है। लगातार परिश्रम और जिज्ञासा से कला में निखार बढ़ते जाता है। एक सफल कलाकार को भावनाओं को उकेरने का सजग प्रहरी होने के साथ ही धैर्यवान होना भी जरूरी है।
अध्यक्षता करते हुए कुविवि के कुलपति प्रो. एसएस धामी ने भी विचार रखे। विभागाध्यक्ष डॉ. सोनू द्विवेदी ने प्रदर्शनी के बारे में जानकारी देते हुए सभी का आभार जताया। इस मौके पर एडीजे अशोक कुमार सिंह, सीजेएम अर्चना सागर, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, प्रो. एसए हामिद, प्रभात चौधरी आदि मौजूद थे। प्रदर्शनी में उत्तराखंड के अलावा पंजाब, राजस्थान, यूपी, दिल्ली आदि प्रदेशों के कलाकार भाग ले रहे हैं।