कपकोट विकासखंड में के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर ग्राम्या और पशुपालन विभाग पर अनियमितता करने का आरोप लगाया। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दोनों विभागों के कार्यों की जांच करने की की मांग उठाई। जांच न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
कपकोट ब्लाक के क्षेत्रवासी बृहस्पतिवार को ब्लाक प्रमुख मनोहर राम की अगुवाई में कलक्ट्रेट परिसर में आ पहुंचे। उन्होंने दोनों विभागों पर कार्योें में अनियमितता करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कहा कि कपकोट ब्लाक में ग्राम्या की लोहारखेत, कपकोट, गोगिना में तीन यूनिटें कार्य कर रही हैं। आरोप लगाया कि योजना के अंतर्गत गोशाला के लिए 59 हजार की धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद विभाग की ओर से किसानों को मात्र 29 हजार का भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने इस मामले की जांच की मांग उठाई। क्षेत्रवासियों ने पशुपालन विभाग पर भी अनियमितता का आरोप लगाया। कहा कि अहिल्याबाई योजना में किसान के लिए 90 हजार की स्वीकृति के बावजूद 30-35 हजार के चेक दिए गए हैं। गाय यूनिट के लिए 45 हजार स्वीकृत करने पर काश्तकार को 25 हजार का ही चेक दिया जाता है। ब्लाक प्रमुख ने ग्रास लैंड योजना में भी अनियमितता की आशंका जताई है।
उन्होंने भेड़ों की नीलामी सहित पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जांच करने की की मांग उठाई। कहा कि जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जानी चाहिए। कहा कि यदि प्रशासन द्वारा दोनों विभागों के कार्यों की जांच नहीं की गई तो क्षेत्रवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में शेर सिंह बिष्ट, तारा सिंह, राम सिंह कोरंगा , प्रेम सिंह सुरकाली, महिपाल दानू आदि क्षेत्रवासी शामिल थे।