मैदानी क्षेत्रों में इन दिनों जहां घना कोहरा छाया हुआ है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में दिन भर धूप खिल रही है और मौसम सुहावना बना हुआ है लेकिन खेती के लिए इंतजार कर रहे किसानों को अब बारिश का इंतजार है। जिले में 1500 से दो हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र बारिश नहीं होने के कारण प्रभावित हुई है। अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो रबी की फसल पर बुरा असर पड़ने की संभावना है।
पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों सुबह-शाम काफी ठंडा और दिन के समय तेज धूप खिल रही है। हालांकि मैदानी क्षेत्रों की तरह यहां घना कोहरा नहीं है, लेकिन कुछ घाटी वाले क्षेत्रों में ही थोड़ा कोहरा दिखाई दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती कर रहे किसानों को अब बारिश का इंतजार है। अगस्त के बाद जिले में बारिश नहीं हुई है, जिस कारण खरीफ की फसल गेहूं, तिल, मसूर, मटर आदि दलहनी फसलों के अलावा साग-सब्जी की खेती पर असर पड़ रहा है। जिले में 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की फसल उत्पादन किया जाता है।
अब खेतों की नमी भी गायब हो चुकी है, जिससे गेहूं और दलहनी फसलों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। तीन चार माह से बारिश नहीं होने के कारण जिले का 1500 से दो हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि खेती के लिए इन दिनों बारिश की जरूरत है। सल्ट, भैंसियाछाना और धौलादेवी का क्षेत्र बारिश नहीं होने के कारण प्रभावित हुआ है। अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो ज्यादा कृषि क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ सकता है।