बुधवार को कर्मी गांव में गर्भवती महिला की मौत के मामले को लेकर नागरिक मंच और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आक्रोश जताया।
नागरिक मंच के अध्यक्ष आलोक साह गंगोला और सचिव पंकज पांडे ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि कर्मी में गर्भवती महिला को समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। चनोली में पीलिया के कारण महिला की मौत हो गयी। जिले में ब्लड बैंक, ट्रामा सेंटर सहित कई डाक्टरों का अभाव है।
कई डाक्टर रोगियों को बाहर की दवाइयां लिख रहे हैं। भाजयुमो के राष्ट्रीय सदस्य मनोज ओली, प्रशांत नगरकोटी, अंकित नगरकोटी, हरीश मेहरा, पंकज कोरंगा आदि ने डीएम को दिए ज्ञापन में कर्मी की महिला की मौत को लेकर आक्रोश व्यक्त करते हुए डाक्टरों पर बाहर की दवाइयां लिखने का आरोप लगाया है। कर्मी गांव में महिला के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की है।
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की दुर्दशा पर रोष जताया है। भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष गीता ऐंठानी और अन्य लोगों ने भी इस संबंध में डीएम को ज्ञापन दिया। उधर जिलाधिकारी भूपाल सिंह मनराल ने कहा है कि 108 से कपकोट अस्पताल में आने से पहले ही महिला की मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने भी इसे लिखित रूप से स्वीकार किया है।
जांच के लिए रवाना हुई टीम
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जेसी मंडल ने कहा कि प्रसव कराने के लिए गांव की दाई को बुलाया गया था। आशा और एएनएम को सूचना नहीं दी गई। 108 के आने तक महिला की मृत्यु हो चुकी थी। बच्चे को बचाने की उम्मीद से ही परिजन उसे 108 से ला रहे थे, लेकिन जच्चा के मरने के बाद दो मिनट तक ही गर्भस्थ शिशु जीवित रह सकता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग का दोष नजर नहीं आता। इसके बावजूद मामले की जांच के लिए एक टीम गांव भेज दी गई है।