रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत-अल्मोड़ा मोटर मार्ग पर द्वारसौं कालीगाड़ गधेरे में बीमार मादा तेंदुआ मिलने से खलबली मच गई। बताया जा रहा है कि तेंदुआ निमोनिया से ग्रसित है और काफी कमजोर हो गई है। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर गई और तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर अल्मोड़ा जू ले जाया गया है। वहां तेंदुए का उपचार कराया जाएगा।
शनिवार की दोपहर कुछ ग्रामीण कालीगाड़ गधेरे के जंगल में गए थे, गधेरे में नजर पड़ी तो वहां तेंदुए को बैठा देखा। तेंदुआ पानी में बैठा हुआ था। इससे वहां खलबली मच गई। ग्रामीणों ने तहसील में सूचना दी, इसके बाद मौके पर वन विभाग की टीम पहुंची। लोगों को देखकर तेंदुआ और पानी में दुबक गया। मुख्य मोटर मार्ग होने के कारण वाहनों की आवाजाही भी लगी रही।
लोग वाहन रोककर तेंदुए को देखने लगे। रेंजर उमेश पांडे के नेतृत्व में मौके पर पहुंची टीम ने अल्मोड़ा से विशेषज्ञ बुलाए। टीम ने तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर पिंजरे में डालकर उसे अल्मोड़ा ले गए। रेंजर ने बताया कि मादा तेंदुए की उम्र छह साल है, लंबाई डेढ़ मीटर है। शरीर में कहीं भी चोट के निशान नहीं हैं। तेंदुआ काफी कमजोर लग रहा है, निमोनिया होने की संभावना जताई जा रही है। अब अल्मोड़ा जू में बीमार तेंदुए का उपचार कराया जाएगा।