बास्ती में 29 नवंबर को बारात को परोसे गए रायते और पानी में ई कोलाई, शिगेला बैक्टीरिया की मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं। तीन विभागों की जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो गई है। बास्ती में बारात में परोसे गए भोजन से करीब 360 लोग बीमार हो गए थे और चार की मौत हो गई थी।
अपर जिलाधिकारी राहुल गोयल ने बताया कि जल संस्थान की जांच रिपोर्ट में यह साफ कर दिया गया है कि बास्ती में बारातियों को दिए गए पानी में में ई कोलाई व शिगेला बैक्टीरिया मौजूद था। पानी में कोलीफार्म की मात्रा न्यून थी। साथ ही क्लोरीन की मात्रा नगण्य थी।
इधर, खाद्य रिपोर्ट में भी रायते का दूषित होना पाया गया है। रायते में स्थानीय खेतों में उगने वाले पीले फूल की पंखुड़िया मिली हैं जो कि मानव शरीर के लिए अनफिट हैं। साथ ही पानी में भी बैक्टीरिया की पुष्टि खाद्य सुरक्षा विभाग ने की है। पानी के बर्तन की तलहटी में गंदगी तथा मरे हुए कीड़ों का होना भी पाया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की स्टूल टेस्ट रिपोर्ट में भी ई कोलाइ व शिगेला बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई है।
एकल पेयजल योजना है गांव की
बागेश्वर। एडीएम राहुल गोयल ने बताया कि बास्ती गांव में पीने के पानी के लिए एकल योजना है जिसका संचालन ग्रामीण खुद करते हैं। गांव में बारात के आने से पहले कई दिनों से पानी को स्टोर किया गया था लेकिन पानी में क्लोरीन नहीं डाला गया था। पानी की टंकी में गंदगी तथा तलहटी में मरे हुए कीड़े भी पाए गए।
रायता बना जान का दुश्मन
बागेश्वर। बास्ती में बारात के दौरान बने रायते पर लोगों का शक था जो कि सही साबित हुआ। खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट की मानें तो रायते में विशेष प्रकार के पीले और गुलाबी फूलों की पंखुड़ियों का होना पाया गया है। फूलों की पंखुड़ियों की मात्रा मानव शरीर के लिए घातक हैं। इनका इस्तेमाल शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।
ई-कोलाई क्या है?
बागेश्वर। ई-कोलाई इशचेरिचिया कोलाई का संक्षिप्त रूप है। जिला अस्पताल के डॉ. एलएस बृजवाल ने बताया कि यह एक तरह का बैक्टीरिया है जो मनुष्यों और पशुओं के पेट में रहता है। इस बैक्टीरिया के ज्यादातर रूप हानिरहित हैं। लेकिन कुछ ऐसे हैं जो पेट में मरोड़ और दस्त जैसे लक्षण पैदा करते हैं। कई बार इनकी वजह से लोगों का गुर्दा काम करना बंद कर देता है और संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है.
शिगेला - कपकोट अस्पताल के डॉ बीएस रावत ने बताया कि शिगेला रॉड के आकार के बैक्टीरिया का एक जीन है जो आनुवंशिक रूप से ई-कोलाई से संबंधित है। शिगेला शरीर में बीमारी का कारण बनता है। यह केवल प्राकृतिक रूप से मनुष्यों और गोरिल्ला में पाया जाता है। संक्रमण के दौरान यह आमतौर पर पेचिश का कारण बनता है। शिगेला दुनिया भर में दस्त के प्रमुख जीवाणु कारणों में से एक है।