जिला पंचायत ने ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख से अधिक आय वालों पर संपत्ति और विभव कर लगाने का फैसला किया है। सोमवार से शुरू हुई जिला पंचायत की दो दिन की बैठक के पहले दिन यह प्रस्ताव पारित भी कर लिया गया है। एक लाख से अधिक की आय वाले व्यवसायियों, ठेकेदारों, शराब कारोबारियों, पेट्रोल पंप मालिकों, रिसोर्ट, होटल स्वामियों और अन्य कारोबारियों को इस टैक्स नेट के दायरे में रखा गया है। इन लोगों को आय का तीन प्रतिशत या अधिकतम 15 हजार रुपये का संपत्ति एवं विभव कर देना होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती मेहरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि जिला पंचायत की आय बढ़ाने के लिए यह फैसला किया गया है। संपत्ति एवं विभव कर लगाने का अधिकार प्रदेश सरकार जिला पंचायतों को दे चुकी है।
बैठक में जिला पंचायत की जिन सड़कों का रखरखाव नहीं हो पा रहा है, उन्हें लोनिवि, राज्य सरकार और ग्रामीण क्षेत्रों के पैदल मार्ग ग्राम पंचायत को हस्तांतरित करने पर सहमति बनी। तय किया गया कि गांधी कुटीर ताड़ीखेत की भूमि के अनापत्ति प्रमाण पत्र के मामले में संबंधित क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्यों और निर्माण समिति की सहमति के बाद निर्णय लिया जाएगा। विधायक निधि की तर्ज पर पांच लाख रुपये तक के कार्य जिला पंचायत की ओर से कराने के प्रस्ताव को डीएम और मुख्य कोषाधिकारी के सम्मुख रखने का फैसला किया गया।
नए 108 वाहनों का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों से कराने को स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से कहा जाएगा। सदस्यों ने सल्ट क्षेत्र मे पोस्टमार्टम हाउस खोलने की मांग की। विद्युत विभाग को झूलते तारों को ठीक करने, लोनिवि से निर्माण कार्यों को समय से पूरा करने को कहा गया। अपर मुख्य अधिकारी मोहन लाल टम्टा ने पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। बैठक में विधायक प्रतिनिधि मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत सदस्य नरायण रावत, बालम भाकुनी, प्रकाश जोशी, विशन सिंह, देवाशीष नेगी, गणेश नायक आदि उपस्थित थे। संचालन एएमए मोहन लाल टम्टा और कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र वर्मा ने किया।