ताकुला के लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि कोर्ट के आदेश के बाद बसौली में दुकान खोलने में प्रतिबंध लगने की संभावना है। इसे देखते हुए बसौली की दुकान को इनाकोट में खोलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इनाकोट में शराब की दुकान खोलने के प्रयासों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यदि इनाकोट में शराब की दुकान खोली गई तो ग्रामीण आंदोलन शुरू कर देंगे।
उन्होंने कहा कि इनाकोट में जिस स्थान पर शराब की दुकान खोलने की तैयारी की जा रही है वहां से मात्र 50 मीटर की दूरी पर ग्वेल ज्यू का मंदिर और 20 मीटर की दूरी पर मसाण मंदिर स्थित है। हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकान खोलने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
उन्होंने कहा कि यह स्थान बसौली-सुनोली मोटर मार्ग में सुनसान जगह पर स्थित है। इनाकोट का आम रास्ता इससे लगा है। इस मार्ग पर शराब की दुकान खोलने की सुगबुगाहट से ग्रामीण महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बसौली स्थित शराब की दुकान को बंद करने की मांग को लेकर पूर्व में क्षेत्रीय जनता द्वारा आंदोलन किया था तब दो साल तक मोबाइल वैन से शराब बेची गई थी। उन्होंने कहा कि अब यदि फिर से क्षेत्र में शराब की दुकान खोली गई तो ग्रामीण एकजुट होकर आंदोलन शुरू कर देंगे। ज्ञापन देने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य योगेश चंद्र, सुनील बाराकोटी, उत्तराखंड संसाधन पंचायत के संयोजक ईश्वर जोशी, ममता बाराकोटी, हंसी देवी, नंदन सिंह, दरवान सिंह, तुलसी देवी, चंदन सिंह, आनंदी देवी, मनोज सिंह, लछम सिंह, निर्मला देवी, बालम सिंह, आशा भाकुनी आदि शामिल थे।