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ईड़ा गांव के लोग आपसी चंदे से बोरिंग पेयजल योजना बनाएंगे 

Sat, 31 Dec 2016 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
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तहसील की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत ईड़ा की पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कई प्रयासों के बाद भी जब समस्या दूर नहीं हुई तो ग्रामीणों ने आपस में चंदा एकत्रित किया और रालक गधेरे में पानी ढूंढने का काम शुरू कर दिया है। बोरिंग कार्य के लिए रुद्रपुर से प्राइवेट कंपनी को बुलाया गया है।
उल्लेखनीय है कि ईड़ा ग्राम सभा में लंबे समय से पानी की किल्लत चल रही है। इसके लिए ग्रामीणों ने कई बार आंदोलन किया। आंदोलन के बाद भी ग्रामीणों को आश्वासनों के अलावा कुछ भी नहीं मिला।  शासन प्रशासन की बेरुखी से आजिज ग्रामीणों ने अब अपने स्तर से इस समस्या के निराकरण का निर्णय लिया है। गांव के पास ही रालक गधेरे से बोरिंग योजना से पानी की किल्लत दूर करने का फैसला लिया है। 
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इसके लिए ग्रामीणों ने आपस में  चंदा एकत्रित किया। रुद्रपुर की एक प्राइवेट कंपनी ने गधेरे में पानी की ढूंढ खोज शुरू कर दी है। जिला पंचायत सदस्य नीरज कुमार, बीडीसी सदस्य राधिका देवी, प्रधान नीमा देवी, कनिष्ट प्रमुख चंद्रशेखर और अन्य जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में बोरिंग कार्य शुरू हो गया है। जिपं सदस्य नीरज कुमार, लाली राम ने बताया कि यदि बोरिंग योजना सफल हो जाती है तो ईड़ा क्षेत्र में पानी की समस्या दूर हो जाएगी। यह सरकारी विभागों की कार्य प्रणाली पर एक करारा प्रहार होगा। इस दौरान विक्रम नेगी, दिगपाल सिंह, विपिन चंद्र, पुष्करकांत, रणजीत सिंह, लाल सिंह, मोहन सिंह, केके रावत, पूरन सिंह आदि मौजूद थे। क्षेत्र के सभी ग्रामीणों ने इस कार्य को सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
 
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