अल्मोड़ा का विक्टर मोहन जलाशय।
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शहर के एनटीडी में विक्टर मोहन जोशी पार्क के मध्य में दो करोड़ रुपए से बना जलाशय सवा साल से बेकार पड़ा है। 40 लाख लीटर क्षमता के इस जलाशय के लिए कोसी नदी से नई पेयजल लाइन बिछाने के लिए पेयजल निगम निर्माण शाखा द्वारा सवा साल पहले 11.83 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब प्रदेश में नई सरकार के सत्तारूढ़ होने पर ही मामले में प्रगति हो सकेगी।
एनटीडी में विक्टर मोहन जोशी पार्क में स्वतंत्रता से पहले का जलाशय है। पहले नगर में पेयजल किल्लत होने पर शहर में इसी जलाशय से पेयजल की आपूर्ति की जाती थी। कोसी से नगर के लिए नई लाइन बिछने पर दशकों से इस जलाशय का उपयोग नहीं हुआ। शहर में आबादी बढ़ने और एनटीडी और हीराडुंगरी इलाके की पानी की समस्या को देखते हुए जलाशय के जीर्णोद्धार की मांग लोग उठाते रहे थे। सरकार से बजट मिलने पर 2015 में पेयजल निगम निर्माण शाखा ने दो करोड़ रुपए की लागत से इस जलाशय का जीर्णोद्धार किया। जलाशय करीब डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हो गया और इसकी क्षमता 40 लाख लीटर (40 एमएलडी) है।
पार्क के मध्य में स्थापित इस जलाशय के ऊपर लेंटर डाल डाला गया है। इसके ऊपर करीब 1.10 ऊंचाई का तालाब बनाकर बच्चों के लिए वोट चलाने की योनजा भी प्रस्तावित है। विभाग ने कोसी नदी से जलाशय तक नई पेयजल लाइन बिछाने, जलाशय के निकट पंप हाउस स्थापित करने और जलाशय से हीराडुंगरी टैंक तक लाइन बिछाने के लिए 11.83 करोड़ का प्रस्ताव करीब डेढ़ पहले सरकार को भेजा था। विभाग के अधिशासी अभियंता आरवी मौर्य ने बताया कि प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। पैसा मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।