अल्मोड़ा। पहाड़ों में बहुतायत में होने वाले भांग के लिए लोगों की धारणा है कि इसका इस्तेमाल नशे के लिए होता है लेकिन अल्मोड़ा के पवित्र जोशी ने भांग के बीज से प्रोटीन पाउडर और हेल्थ केयर प्रोडक्ट बना कर इस धारणा को तोड़ा है। आईआईएम के सक्षम स्टार्टअप के तहत पवित्र ने कसारदेवी में कुमाऊं खंड एग्रो इनोवेशन एंड हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से स्टार्टअप शुरू किया है। पवित्र के इस स्टार्टअप से करीब 250 लोगों को रोजगार भी मिला है।
मूल रूप से सतराली ताकुला निवासी पवित्र ने टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान मुंबई से सामाजिक उद्यमिता की डिग्री ली है। मूल निवास पहाड़ में होने के कारण पवित्र का पहाड़ से जुड़ाव रहा। पहाड़ों में किसी तरह का उद्योग न होने से बेरोजगारी होने के कारण पवित्र ने पहाड़ में ही कोई व्यवसाय स्थापित करने का मन बनाया और वर्ष 2019 में अल्मोड़ा से बागेश्वर तक फील्ड सर्वे शुरू किया। पवित्र ने जब काफी मात्रा में पहाड़ों में भांग का उत्पादन देखा तो इस पर शोध किया।
शोध में पता चला कि विदेशों में कई स्थानों पर गाड़ी बनाने के लिए प्लास्टिक की जगह भांग के रेशे का इस्तेमाल हो रहा है। इसके बीज से ईंधन भी बनाया जा रहा है। पवित्र ने भी भांग को रोजगार बनाने का मन बनाया। आज पवित्र विभिन्न समूहों के साथ मिलकर भांग के बीज से प्रोटीन पाउडर, हेल्थ केयर प्रोडक्ट, तेल बना रहे हैं। आईआईएम काशीपुर ने भी सक्षम स्टार्टअप के तहत पवित्र को इस स्टार्टअप के लिए 25 लाख रुपये की निधि देने की सिफारिश कृषि मंत्रालय से की है। निधि मिलने पर पवित्र अपने प्रोजेक्ट को और बढ़ा सकते हैं।
नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में तैयार हो रहे उत्पाद
अल्मोड़ा। अपने स्टार्टअप के तहत पवित्र 10 समूह के साथ मिलकर अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ में इन उत्पादों को तैयार कर रहे हैं। 10 समूहों में जुड़ी 250 महिलाओं को भी इससे रोजगार मिल रहा है। इन क्षेत्रों के किसानों से भांग का बीज खरीदकर उन्हें भी रोजगार दिया जा रहा है।
बेहद फायदेमंद है प्रोटीन पाउडर और तेल
अल्मोड़ा। पवित्र जोशी बताते हैं कि भांग के 30 ग्राम बीज में 10 ग्राम प्रोटीन पाउडर होता है। इससे बनने वाला तेल शुगर को कम करता है। हेल्थ केयर में इससे बॉडी लोशन, लिप बाम, फेसपैक आदि बनाया जा रहा है। इसके तेल को खाने में भी इस्तेमाल किया जाता है जो बेहद पौष्टिक होता है।
भांग के डंठल से बनाया होम स्टे
अल्मोड़ा। भांग के बीज से विभिन्न उत्पाद बनाने के साथ ही पवित्र जोशी ने भांग के डंठल से एक होम स्टे भी बनाया है। पवित्र बताते हैं कि भांग डंठल से बना होने के कारण इसमें दीमक आदि नहीं लगता है। आग और पानी का भी इस पर असर नहीं होता है। इसे बनाने में लागत भी कम आती है। 10 गुणा 10 फुट आकार का होम स्टे सात से आठ लाख रुपये में तैयार हो जाता है।