आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए वन विभाग के दिशा निर्देशन में शिकारी तय स्थानों पर मोर्चा संभाले हुए हैं, लेकिन किसी तरह की सफलता न मिलने से लोगों के सब्र का बांध भी टूटता जा रहा है। मुख्य शिकारी लखपत सिंह चितैली गांव में तैनात हैं। वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी भी चितैली में डेरा डाले हुए हैं। इधर तेंदुए के हमले में मारे गए तारासिंह का बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार किया गया।
आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए प्रशासन और वन विभाग की टीम ने पूरी तरह से कमर कस ली है। दोनों विभागों के अधिकारी बुधवार को भी चितैली में ही रुके हुए थे। बृहस्पतिवार सुबह से फिर पूरी रणनीति तय की गई। तहसीलदार दीवानसिंह बिष्ट ने बताया कि मुख्य शिकारी लखपत सिंह चितैली में बनाए गए मचान पर मोर्चा संभालेंगे जबकि अन्य शिकारी निकटवर्ती क्षेत्रों में मोर्चे पर तैनात होंगे। तहसीलदार और वन क्षेत्राधिकारी भूपाल सिंह बिष्ट सहित दोनों विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर ही डटे हैं। स्थानीय स्तर पर नामित शिकारियों में पिनबगड़ निवासी हरीश चंद्र, बमनपुरी के महेश नेगी, ढनांण के नंदन सिंह, विजयपुर के धनसिंह तथा नौगांव के रामसिंह शामिल हैं। इ