रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत विकासंखड के सुदूरवर्ती धूराफाट क्षेत्र में पेयजल किल्लत से गुस्साए ग्रामीणों ने बयेड़ी के सद्गुरु आश्रम में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। मनाने पहुंचे नायब तहसीलदार और उनकी टीम को भी अनशनकारियों ने बैरंग लौटा दिया।
बता दें कि योजना के पुनर्गठन की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले एक हफ्ते से क्रमिक अनशन कर रहे थे। इधर, शुक्रवार को 72 वर्षीय पूरन चंद्र पांडेय आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारी जब तक योजना के पुनर्गठन के लिए धन स्वीकृति का लिखित आश्वासन नहीं देते तब तक वह अनशन नहीं तोड़ेंगे।
धूराफाट क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि भतरौंजखान-रीची-थापल पंपिंग योजना से पुनोली, लोधियाखान, हिड़ाम, मुसोली सहित दर्जनों गांवों में पानी की आपूर्ति की जाती है। पिछले चार माह से पानी नहीं आ रहा है, जिस कारण भारी परेशानी हो रही है। जबकि बेतालघाट और नैनीताल ब्लॉक की अनुमानित 65 ग्राम पंचायतों के लिए योजना का पुनर्गठन हो चुका है और वहां के लोग पेयजल का लाभ ले रहे हैं।
इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने एक साल पहले भी आंदोलन किया था, लेकिन आश्वासन झूठे साबित हुए। पिछले एक हफ्ते से ग्रामीण क्रमिक अनशन कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर बयेड़ी में ग्रामीणों ने अब क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है।
किसान विकास संघ मुसोली के अध्यक्ष 72 वर्षीय बुजुर्ग पूरन पांडेय अनशन पर बैठे हैं। इधर, नायब तहसीलदार हेमंत मेहरा और उनकी टीम को भी अनशनकारियों ने बैरंग लौटा दिया। कहा कि जब तक विभागीय अधिकारी पुनर्गठन के लिए प्रस्तावित 2.86 करोड़ रुपये का स्वीकृति पत्र मौके पर आकर नहीं दिखाते तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
यहां समर्थन में महेश चंद्र, सुरेंद्र सिंह फर्त्याल, हंसादत्त पांडे, प्रधान सुमन फर्त्याल, मोहन राम, किसन राम, त्रिलोक राम, नरेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, मनोज कुमार, दीप चंद्र, भगीरथ, खुखाल सिंह, कुबेर सिंह, मदन राम सहित तमाम लोग मौजूद रहे।