नानीसार में ग्रामीणों की जमीन से जिंदल ग्रुप का कब्जा हटाने की मांग को लेकर द्वारसों में ग्रामीणों का क्रमिक अनशन जारी है। आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, कहा कि सरकार पहाड़ की जमीनों को पूंजीपतियों के हाथों लुटा रही है। यही हालात रहे तो जल, जंगल और जमीन से ग्रामीणों के हक हकूक खत्म हो जाएंगे।
द्वारसों में नानीसार बचाओ संघर्ष समिति और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामीणों का क्रमिक अनशन पिछले एक पखवाड़े से चल रहा है। इस बीच ग्रामीणों ने धरना, प्रदर्शन, मशाल जुलूस सहित तमाम गतिविधियों का आयोजन भी किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार ग्रामीणों से उनकी जमीनों को छीनना चाहती है और पूंजीपतियों को बसाना चाहती है।
यदि ग्रामीण अब भी नहीं जागे तो एक दिन पहाड़ पूरा बिक जाएगा। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि वह लोग इस संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाएंगे। इसके लिए चाहे कुछ भी करना पड़े। यदि शीघ्र नानीसार की भूमि से कब्जा नहीं हटा तो 28 नवंबर से विशाल प्रदर्शन के साथ आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। क्रमिक अनशन में दया देवी, सुनीता राणा, कमला देवी, प्रताप रावत बैठे।